पश्चिम बंगाल में फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को CID ने पूछताछ के लिए बुलाया। गुरुवार शाम वह कोलकाता स्थित भवानी भवन CID मुख्यालय पहुंचे। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उन्हें शाम 6 बजे तक पेश होना था, इसलिए वह समय पर पहुंच गए। इसके बाद CID ने उनसे करीब 6 घंटे तक पूछताछ की, जो रात करीब साढ़े 11 बजे तक चली। इस दौरान पूरे मामले को लेकर कई जरूरी सवाल पूछे गए।
पूछताछ का पूरा फोकस दस्तावेज और बैठकों पर रहा
CID ने अभिषेक बनर्जी से चार मुख्य सवाल पूछे। पहला सवाल उस असली प्रस्ताव से जुड़ा था, जिसकी कॉपी विधानसभा अध्यक्ष को भेजी गई थी। दूसरा सवाल 6 मई और 19 मई को हुई बैठकों पर था, जिनमें पार्टी के कौन-कौन लोग मौजूद थे। तीसरा सवाल यह था कि कुछ विधायकों का कहना है कि उनके हस्ताक्षर उनकी जानकारी के बिना लगाए गए। चौथा सवाल यह था कि कुछ जगहों पर हस्ताक्षर अलग-अलग तरीके से क्यों किए गए, जैसे कहीं साफ ब्लॉक लेटर में और कहीं सामान्य लिखावट में। इन सवालों के जवाब जांच के लिए बहुत अहम माने जा रहे हैं।
जवाबों से CID पूरी तरह संतुष्ट नहीं
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई बार माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया। CID अधिकारियों को कुछ जवाब ठीक नहीं लगे, इसलिए उन्होंने और सवाल भी पूछे। बताया जा रहा है कि इस दौरान अभिषेक बनर्जी भी कई बार नाराज हुए, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले उन्हें तीन बार नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। बाद में कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें पूछताछ के लिए आना पड़ा।
14 जून को फिर बुलाया गया, जांच जारी
यह मामला उस बैठक से जुड़ा है जो कालीघाट में हुई थी, जहां नेता प्रतिपक्ष को लेकर चर्चा हुई थी। आरोप है कि कुछ दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर शामिल किए गए। फिलहाल अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से तुरंत गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है, लेकिन जांच जारी है। उन्हें 14 जून को फिर CID के सामने पेश होना है। आने वाले दिनों में इस केस में और पूछताछ हो सकती है।
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