उत्तर प्रदेश के संभल जिले की रहने वाली तमन्ना मलिक एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी कांवड़ यात्रा है। प्रशासन ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी कर एसडीएम कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। प्रशासन का कहना है कि पिछले साल दोनों के कांवड़ यात्रा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसी आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135 के तहत दोनों को नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने दोनों को 20-20 हजार रुपये के मुचलके से छह महीने के लिए पाबंद करने का आदेश भी दिया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि अगली तारीख पर भी दोनों कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जा सकता है।
प्रशासन ने क्या कहा और नोटिस क्यों जारी किया गया?
प्रशासन के अनुसार, थाना असमोली से मिली रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले वर्ष तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी, जो अलग-अलग समुदाय से हैं, कांवड़ यात्रा में शामिल हुए थे। इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी थी। इसी कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दोनों को नोटिस भेजकर कोर्ट में उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों को पहले भी 31 जुलाई को कोर्ट में बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमन त्यागी ने नोटिस पर उठाए सवाल, सुरक्षा की भी मांग की
तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे पहले भी हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए थे और उस समय उन्हें लोगों का सम्मान मिला था। उन्होंने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा पर जाने से पहले ही उन्हें नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। अमन का दावा है कि उनकी पत्नी को फोन पर जान से मारने और एसिड अटैक की धमकी भी मिली है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को सुरक्षा देनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अमन ने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और नोटिस के अनुसार अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे, लेकिन उनका मानना है कि किसी व्यक्ति को उसके पहनावे के आधार पर रोकना सही नहीं है।
मामला बना चर्चा का विषय, अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर
तमन्ना मलिक का मामला अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग प्रशासन की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस मामले में अंतिम फैसला अदालत और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। अगर तमन्ना मलिक और अमन त्यागी अगली तारीख पर कोर्ट में अपना पक्ष रखते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, यदि वे कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो प्रशासन की ओर से वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अब सभी की नजर इस मामले की अगली सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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