UP News: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ड्यूटी के दौरान कक्षा में सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, क्लास में बैठे कई छात्र पढ़ाई करने के बजाय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद इसकी काफी चर्चा हो रही है, लेकिन वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके बावजूद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
बेंच पर लेटे हुए दिखाई दिए शिक्षक
वायरल वीडियो को कन्नौज जिले के उमर्दा ब्लॉक स्थित कंपोजिट विद्यालय सिकरोरी का बताया जा रहा है। वीडियो में एक शिक्षक क्लास के अंदर बेंच पर लेटे हुए दिखाई देते हैं। दावा है कि उस समय वह सो रहे थे। इसी दौरान कक्षा में मौजूद बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की बजाय मोबाइल फोन चलाते नजर आते हैं। वीडियो में एक छात्र बेंच पर लेटकर मोबाइल इस्तेमाल करता भी दिखाई देता है, जबकि बाकी छात्र भी अपने-अपने काम में व्यस्त दिखते हैं। वीडियो के आखिर में स्कूल का नाम भी दिखाया जाता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि अगर वीडियो सही है, तो कक्षा में पढ़ाई का माहौल कैसे बन रहा होगा और बच्चों की पढ़ाई पर इसका क्या असर पड़ रहा होगा।
Teacher sleeping on duty in a Kannauj (UP) govt school classroom while students scroll mobiles instead of studying.
Viral video from Composite Vidyalaya Sikrori sparks questions on school monitoring. 😴 pic.twitter.com/9P2zMK63v0
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) August 4, 2026
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाना और अनुशासन बनाए रखना है। यदि ड्यूटी के समय शिक्षक आराम करते मिलें और बच्चे अपनी मर्जी से मोबाइल चलाते रहें, तो यह चिंता का विषय है। वहीं कुछ लोगों ने इस घटना पर मजाकिया अंदाज में भी टिप्पणी की। एक यूजर ने लिखा कि “लगता है आज बच्चों की सेल्फ स्टडी चल रही थी।” वहीं दूसरे ने लिखा, “अब टाइम टेबल में आराम का पीरियड भी जोड़ देना चाहिए।” हालांकि, कई लोगों ने कहा कि इस तरह के मामलों को मजाक में लेने की बजाय गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
जांच की मांग तेज, शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर बहस शुरू हो गई है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वीडियो सही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में नियमित निगरानी, शिक्षकों की जवाबदेही और कक्षा में अनुशासन बेहद जरूरी है। इससे बच्चों की पढ़ाई बेहतर होती है और अभिभावकों का भरोसा भी बना रहता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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