बरेली के शीशगढ़ इलाके में 16 वर्षीय किशोरी से करीब एक साल तक दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया है। किशोरी की मां के मुताबिक, गांव के ही एक युवक ने पहले उसकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें बना ली थीं। इसके बाद तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर वह कथित तौर पर किशोरी का शोषण करता रहा। परिजनों को जब बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपी के परिवार से शिकायत की। आरोप है कि इस दौरान उन्हें धमकियां भी दी गईं। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के बाद पंचायत ने कराया कथित समझौता
पुलिस में शिकायत की जानकारी सामने आने के बाद गांव में दोनों पक्षों को बुलाकर पंचायत बैठाए जाने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, पंचायत में परिवारों पर दबाव डालकर मामले को आगे नहीं बढ़ाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, आरोपी और किशोरी के बीच रोका और टीका की रस्म कराए जाने की बात भी सामने आई है। पंचायत की ओर से कथित तौर पर यह तय किया गया कि किशोरी के बालिग होने के बाद उसकी शादी आरोपी युवक से करा दी जाएगी। इस फैसले को लेकर अब मामले ने गंभीर कानूनी सवाल खड़े कर दिए हैं।
POCSO के तहत मामले में समझौते पर सवाल
कानूनी जानकारों के अनुसार, नाबालिग से यौन अपराध के आरोपों में POCSO कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है और ऐसे मामलों को पंचायत स्तर पर समझौते के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। मामले में पंचायत में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, अगर उन्होंने कथित तौर पर कानूनी कार्रवाई रोकने या परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की हो। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और पंचायत से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर सकती है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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