तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर सार्वजनिक रूप से उन्हें बधाई दी और उनके कार्यकाल की सराहना भी की। लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी “बागी गुट” का हिस्सा नहीं हैं और पूरी तरह से ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं। एक ही दिन में दो अलग-अलग राजनीतिक संदेश सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शत्रुघ्न सिन्हा की रणनीति क्या है।
पीएम मोदी को दी बधाई, सोशल मीडिया पर शेयर किया संदेश
शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने लिखा कि मोदी देश के लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले नेताओं में से एक हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे शिष्टाचार बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक संकेत के रूप में देखा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर बड़े राजनीतिक संदेशों के तौर पर देखे जाते हैं।
In true sportsman spirit, wishing our friend & guide of society/nation hon’ble PM @narendramodi
best wishes on completing 12yrs in office, perhaps the longest tenure, ever. Wish you a long, healthy & prosperous life ahead. Jai Hind!@YashwantSinha@MamataOfficial… pic.twitter.com/sQcaVJl1N0— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) June 11, 2026
बागी सांसदों की सूची में नाम, लेकिन किया साफ इनकार
हाल ही में सामने आई टीएमसी के 19 “बागी सांसदों” की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी शामिल बताया गया था। हालांकि उन्होंने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी बागी गुट का हिस्सा नहीं हैं और ऐसी खबरें गलत हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका पूरा समर्थन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने कठिन समय में उनका साथ दिया है, इसलिए वह भी हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर उनकी स्थिति को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है।
भाजपा से टीएमसी तक का लंबा राजनीतिक सफर
शत्रुघ्न सिन्हा का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (BJP) से की थी और लंबे समय तक पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में 2022 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और आसनसोल लोकसभा उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 2024 में भी उन्होंने टीएमसी के टिकट पर यह सीट बरकरार रखी। लगातार बदलते राजनीतिक सफर के कारण उनके हालिया बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ रही हैं।
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