उत्तर प्रदेश के हाथरस शहर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों, खौफ और सामाजिक ताने-बाने पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विजयनगर इलाके में जागेश्वर मंदिर के पास रहने वाले रिटायर्ड व बीमार शिक्षक अशोक कुमार पिछले 10 दिनों से अपने ही घर के एक कमरे में बाहर से बंद थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस उन्हें आज़ाद कराने पहुंची, तो पीड़ित बुजुर्ग ने खुद पुलिसकर्मियों से ताला न खोलने की गुहार लगाई। पुलिस अफसर भी यह सुनकर दंग रह गए। बुजुर्ग शिक्षक अपनी ही पत्नी के खौफ से इस कदर सहमे हुए थे कि उन्हें कमरे की कैद से ज्यादा डर ताला खुलने के बाद पत्नी के गुस्से का लग रहा था।
चार दिन की रोटियां और खिड़की के रास्ते 10 दिनों का सफर
घटना के पीछे की कहानी किसी का भी दिल दहला सकती है। पीड़ित शिक्षक अशोक कुमार के मुताबिक, उनकी पत्नी अक्सर उन्हें इसी तरह घर में बंद करके अपने मायके चली जाती हैं। इस बार भी जब वह घर से बाहर निकलीं, तो जाते-जाते चार दिनों का खाना बनाकर रख गईं। जब चार दिन बाद भोजन खत्म हो गया, तो पास में रहने वाले उनके भाई के परिवार ने खिड़की के जरिए उन्हें खाना-पानी देना शुरू किया। पत्नी की दहशत का आलम यह था कि पिछले 10 दिनों से न तो भाई के परिवार ने और न ही आसपास के किसी पड़ोसी ने बाहर से लटका ताला तोड़ने की हिम्मत दिखाई। सबको यही डर था कि पत्नी के लौटने पर बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा।
पड़ोसियों ने दी खबर, पुलिस देखकर रह गई हैरान
जब आठ दिन बीत गए और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तो मामला गंभीर होते देख पड़ोसियों ने हिम्मत जुटाई और स्थानीय पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम विजयनगर पहुंची और ताला तोड़कर बुजुर्ग को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने ताला छूने की कोशिश की, अंदर से अशोक कुमार चिल्ला पड़े। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ शब्दों में अनुरोध किया कि जब तक उनकी पत्नी वापस नहीं लौट आती, तब तक ताला न खोला जाए। बीमार शिक्षक का यह डर देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति हक्का-बक्का रह गया।
फिलहाल कार्रवाई से इनकार, पत्नी के आने का इंतज़ार
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी हिमांशु माथुर ने बताया कि पुलिस टीम ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बुजुर्ग शिक्षक को सकुशल कमरे से बाहर निकाल लिया है। हालांकि, पीड़ित अशोक कुमार फिलहाल अपनी पत्नी के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी या पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि जो भी बात होगी, वह अपनी पत्नी के वापस लौटने पर ही करेंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले पर नज़र बनाए हुए है और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए आगे के कदम उठाने की बात कह रहा है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा और हैरानी का विषय बनी हुई है।
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