कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार, 6 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब सोमवार को उन्हें नामित SC/ST अदालत के सामने पेश किया जाएगा। यह पूरा मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटना से जुड़ा है।
शनिवार को हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें अदालत के सामने पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत का आदेश आया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। स्वतंत्र के वकीलों ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। अधिवक्ता पीयूष जैन ने कहा कि पुलिस ने एक बार फिर उन्हें सीधे अदालत में पेश करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लिया।
वकीलों ने जताया जान को खतरा
स्वतंत्र भारद्वाज के दूसरे वकील उमेश शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अब आगे की कार्रवाई पर अदालत में पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्वतंत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। वकील का कहना है कि वे इस मुद्दे को मुख्य न्यायाधीश और संबंधित अधिकारियों के सामने उठाएंगे। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव में स्वतंत्र को मामले में बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
पुरानी FIR में SC/ST एक्ट, नया पॉक्सो केस भी
मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज पुरानी FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एक अलग मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। 3 सितंबर को स्वतंत्र के एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें वह कथित तौर पर एक व्यक्ति पर हमला करने की बात करते नजर आए थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने कड़े से उसके सिर पर वार किया था, जिसके बाद उसे कई टांके लगे थे। हालांकि, इन आरोपों और मामलों पर अंतिम फैसला अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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