Mahoba News: महोबा के चरखारी क्षेत्र में फसल नुकसान के सर्वे को लेकर किसानों और दो सर्वेयरों के बीच विवाद सामने आया है। नटर्रा गांव के किसानों ने आरोप लगाया कि फसल बीमा में ज्यादा मुआवजा दिलाने के नाम पर दोनों सर्वेयर उनसे 1 से 2 हजार रुपये तक मांग रहे थे। किसानों का कहना है कि कई लोगों से रकम भी ली गई। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर बीमा का लाभ नहीं मिलने की बात कही जा रही थी। दोनों सर्वेयर एक निजी एजेंसी से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो बीमा कंपनी के लिए सर्वे का काम कर रही थी।
ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया
पिछले दिनों हुई बारिश से इलाके में उड़द, तिल और मूंग की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने करीब 90 प्रतिशत तक फसल खराब होने का दावा किया है। इसी नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे चल रहा था। गुरुवार शाम ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र राजपूत ने दोनों सर्वेयरों को पकड़ लिया। किसानों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने पैसे लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद मामले की जानकारी चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत को दी गई।
चूड़ी और जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया
विधायक के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि सूरज पांडे भी समर्थकों के साथ गांव पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों सर्वेयरों को महिलाओं के कपड़े पहनाए, माथे पर बिंदी लगाई और गले में जूतों की माला डाल दी। फिर उन्हें पूरे गांव में घुमाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों सर्वेयरों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद गांव में काफी देर तक मामला चर्चा में रहा।
जांच के बाद दर्ज होगा मुकदमा
उपनिदेशक कृषि रामसजीवन ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसानों द्वारा लगाए गए अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों सर्वेयरों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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