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लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम पर क्यों लगी 26 शर्तों की ‘लक्ष्मण रेखा’? प्रशासन ने दी इजाजत, लेकिन चेतावनी भी कड़ी

लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ 26 सख्त शर्तें लागू की गई हैं। भड़काऊ भाषण, हथियार और ट्रैफिक बाधित करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। जानिए प्रशासन की पूरी गाइडलाइन।

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रस्तावित कार्यक्रम को आखिरकार प्रशासन से अनुमति मिल गई है, लेकिन यह इजाजत कुछ सख्त शर्तों के साथ दी गई है। प्रशासन ने कुल 26 नियम तय किए हैं जिनका पालन आयोजकों को हर हाल में करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। बताया जा रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने “गौ प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान” के तहत लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम करने वाले हैं, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्मा और समर्थक शामिल हो सकते हैं। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि कार्यक्रम के दौरान यदि किसी भी नियम का उल्लंघन होता है तो अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी और आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

गौ संरक्षण को लेकर चल रहा जनजागरण अभियान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों देशभर में गौ संरक्षण और गौ सम्मान को लेकर जनजागरण अभियान चला रहे हैं। इसी अभियान के तहत कई शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लखनऊ का कार्यक्रम भी इसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को गौ संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करना और समाज में सकारात्मक संदेश देना है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं, इसलिए प्रशासन पहले से ही सतर्क है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की और उसके बाद ही कार्यक्रम को अनुमति दी गई।

भड़काऊ भाषण और हथियारों पर पूरी तरह रोक

प्रशासन द्वारा तय की गई 26 शर्तों में कई अहम नियम शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम के दौरान किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा। मंच से ऐसा कोई बयान नहीं दिया जा सकेगा जिससे सामाजिक तनाव पैदा हो। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर हथियार, पटाखे या किसी भी तरह की खतरनाक वस्तु लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि लाउडस्पीकर का उपयोग तय समय सीमा के भीतर ही किया जाएगा। साथ ही आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो। इसके लिए पार्किंग और भीड़ नियंत्रण की अलग से व्यवस्था करने को कहा गया है।

उल्लंघन हुआ तो तुरंत रद्द होगी अनुमति

लखनऊ प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा। प्रशासन ने आयोजकों को यह भी चेतावनी दी है कि अगर किसी भी नियम का उल्लंघन हुआ तो कार्यक्रम की अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी। इसके अलावा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि शर्तें इसलिए लगाई गई हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और शहर की व्यवस्था पर कोई असर न पड़े। प्रशासन की कोशिश है कि धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम भी हों और साथ ही कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह कायम रहे।

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