समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की गड़बड़ी को लेकर बड़ा बयान दिया है। आगरा में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अगर चढ़ावे से जुड़ी कोई गलती हुई है तो उसे आपस में बैठकर सुलझा लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “कैमरा और लाइट बंद करके चढ़ावा वापस रख दें।” अखिलेश ने यह भी कहा कि मंदिर के पुजारियों और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों की जांच करवाना सही नहीं है। उनके मुताबिक इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और यह सनातन परंपरा का सम्मान करने का तरीका नहीं है।
महंगाई और कारोबार को लेकर सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है, जबकि छोटे व्यापारी परेशान हैं। उनका कहना था कि जीएसटी की वजह से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का भी मुद्दा उठाया। अखिलेश ने कहा कि आम लोगों की कमाई नहीं बढ़ रही, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह सफल नहीं रही है।
युवाओं के रोजगार और शिक्षा का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश का युवा आज रोजगार की तलाश में भटक रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो रही हैं और कई परीक्षाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। उनके मुताबिक सरकार को युवाओं को नौकरी देने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा रोजगार चाहता है, लेकिन उसे उम्मीद के मुताबिक अवसर नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
आगरा के विकास और योगी सरकार पर भी बोले
अखिलेश यादव ने आगरा के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी म्यूजियम का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ नाम बदलने से विकास नहीं होता, बल्कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भी जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने आगरा के जूता उद्योग की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि इस क्षेत्र को पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनता की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
