महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों शिवसेना (यूबीटी) को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी के कुछ सांसदों के दूसरे खेमों के संपर्क में होने की चर्चाओं के बीच रविवार को उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई। यह बैठक मुंबई स्थित मातोश्री में हुई, जहां पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की गई। पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं या फिर किसी अन्य राजनीतिक दल के संपर्क में हैं। ऐसे माहौल में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संजय राउत बोले- अफवाहों पर ध्यान न दें
बैठक के बाद पार्टी नेता और सांसद संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि कुल नौ सांसद बैठक से जुड़े, जिनमें कुछ नेता प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि कुछ सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। राउत ने कहा कि पार्टी को कमजोर दिखाने के लिए कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। जब उनसे बीजेपी के कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “हम खुद टाइगर हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई।
कुछ सांसद पहुंचे, कुछ ने ऑनलाइन की सहभागिता
बैठक में मुंबई और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई सांसद शामिल हुए। वहीं कुछ सांसद व्यक्तिगत कारणों या अन्य व्यस्तताओं के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक का हिस्सा बने। पार्टी नेताओं का कहना है कि जो सांसद बैठक में नहीं आ सके, उन्होंने पहले से अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी। इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक चुनौतियों और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद नेताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी के भीतर किसी तरह का संकट नहीं है और सभी नेता नेतृत्व के साथ खड़े हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से शिवसेना की राजनीति लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है। पार्टी में हुई टूट के बाद अब हर राजनीतिक गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। ऐसे में सांसदों की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल उद्धव ठाकरे गुट ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि उनके सांसद एकजुट हैं और पार्टी को लेकर फैलाई जा रही अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। हालांकि विपक्ष और राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
