फिल्म ‘आर्टिकल 370’ ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन बड़े सम्मान अपने नाम किए हैं। इस उपलब्धि के बाद फिल्म से जुड़े निर्माता आदित्य धर ने खुशी जाहिर करते हुए पूरी टीम, कलाकारों और दर्शकों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को बनाते समय उनकी सोच सिर्फ एक ऐसी कहानी को पर्दे पर लाने की थी, जिसे पूरी सच्चाई और जिम्मेदारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि फिल्म बनाने का उद्देश्य कभी पुरस्कार जीतना नहीं था, बल्कि दर्शकों के सामने एक प्रभावशाली कहानी पेश करना था। अब जब फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है, तो यह पूरी टीम की मेहनत और दर्शकों के भरोसे की जीत है।
सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश
राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा के बाद आदित्य धर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह सम्मान उनके लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने इस फिल्म को बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार की जूरी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस सम्मान ने पूरी टीम के उत्साह को और बढ़ा दिया है। साथ ही उन्होंने उन दर्शकों का भी आभार जताया जिन्होंने फिल्म देखी, उस पर चर्चा की और उसे अपना प्यार दिया। आदित्य धर के मुताबिक किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी सफलता तब होती है, जब वह लोगों के दिलों तक पहुंच जाए और ‘आर्टिकल 370’ के साथ ऐसा ही हुआ।
पूरी टीम की मेहनत को दिया सफलता का श्रेय
आदित्य धर ने फिल्म के निर्देशक आदित्य सुहास जांभले की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सोच और निर्देशन ने फिल्म को एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने मुख्य कलाकार यामी गौतम धर और प्रियामणि की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों ने अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाया, जिससे कहानी और अधिक प्रभावशाली बन सकी। इसके अलावा संगीतकार शाश्वत सचदेव के संगीत को भी फिल्म की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने पूरी कास्ट और क्रू का धन्यवाद करते हुए कहा कि कैमरे के सामने और पीछे काम करने वाले हर सदस्य की मेहनत ने इस फिल्म को इस मुकाम तक पहुंचाया। उनके अनुसार किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे पूरी टीम का सामूहिक प्रयास होता है।
जियो स्टूडियोज ने भी जताई खुशी
फिल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर जियो स्टूडियोज की अध्यक्ष ज्योति देशपांडे ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल फिल्म की टीम के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए गर्व का विषय है जिन्होंने इस कहानी पर भरोसा किया। उनके मुताबिक फिल्म का उद्देश्य किसी पुरस्कार को हासिल करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी कहानी को ईमानदारी और साहस के साथ दर्शकों तक पहुंचाना था, जो लोगों को सोचने पर मजबूर करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि अच्छी और सार्थक कहानियां हमेशा अपनी पहचान बनाती हैं। उन्होंने आदित्य धर, निर्देशक आदित्य सुहास जांभले, कलाकारों, संगीतकार और पूरी तकनीकी टीम की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी जियो स्टूडियोज ऐसे फिल्मकारों का साथ देता रहेगा, जो दमदार और अर्थपूर्ण कहानियां बड़े पर्दे पर लाने का साहस रखते हैं।
