उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। अमूमन देखा जाता है कि जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी यानी जिलाधिकारी (डीएम) के सामने बड़े-बड़े लोग भी अपनी बात रखने में हिचकिचाते हैं। लेकिन लखीमपुर खीरी के ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सभी अधिकारियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। यहां अपनी फरियाद लेकर पहुंचे महज 13 साल के एक बच्चे ने डीएम के सामने न सिर्फ बेबाकी से अपनी बात रखी, बल्कि उनके आश्वासन पर कुछ ऐसा कह दिया कि खुद डीएम साहब भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस समय हर तरफ इस बच्चे के हौसले और डीएम की संवेदनशीलता की चर्चा हो रही है।
मासूम की बेबाकी: जब आईएएस अधिकारी भी रह गए दंग
यह पूरा मामला कक्षा 8 में पढ़ने वाले छात्र अमिताभ गुप्ता से जुड़ा है। अमिताभ मूल रूप से लखीमपुर का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल वह लखनऊ में अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई करता है। पारिवारिक तंगी और घर के विवाद से परेशान होकर यह बच्चा सीधे संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अंजनी कुमार सिंह की मेज के सामने जा खड़ा हुआ। जब डीएम ने उसकी समस्या सुनी और परंपरागत प्रशासनिक अंदाज में कहा कि ‘काम करवा देंगे’, तो बच्चे ने तपाक से जवाब दिया— “करवा देंगे नहीं साहब, करवा दीजिए।” बच्चे के मुंह से निकले इन शब्दों और उसकी आंखों में छिपे आत्मविश्वास को देखकर वहां मौजूद पूरा प्रशासनिक अमला हैरान रह गया। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंजनी कुमार सिंह, जो अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, वह भी इस मासूम की हाजिरजवाबी पर झल्लाने के बजाय मुस्कुरा उठे।
क्या है पूरा विवाद? जिसके लिए बच्चे को उठाना पड़ा यह कदम
दरअसल, 13 वर्षीय अमिताभ गुप्ता के परिवार की स्थिति काफी जटिल है। अमिताभ ने डीएम को बताया कि उसके पिता ने दो शादियां की हैं, जिसके कारण परिवार में पहले से ही काफी बिखराव है। इसके अलावा, गांव में स्थित उनके पैतृक मकान के एक बड़े हिस्से पर उसके सगे ताऊ ने जबरन ताला लगा रखा है। अमिताभ का कहना है कि उसका परिवार बेहद गरीब है और आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। अगर मकान का वह हिस्सा उन्हें मिल जाए, तो वे उसे किराये पर देकर अपना गुजारा चला सकते हैं। अपनी इसी हक की लड़ाई के लिए यह छोटा बच्चा बड़ों की तरह बिना किसी डर के सीधे जिले के मुखिया के सामने अपनी गुहार लगाने पहुंच गया।
कौन हैं आईएएस अंजनी कुमार सिंह? जिनका अंदाज जीत रहा लोगों का दिल
इस पूरे घटनाक्रम में जितनी चर्चा बच्चे की हो रही है, उतनी ही तारीफ लखीमपुर खीरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह की भी की जा रही है। करीब तीन महीने पहले ही लखीमपुर का कार्यभार संभालने वाले अंजनी कुमार सिंह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के रहने वाले अंजनी कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद देश की सबसे कठिन यूपीएससी परीक्षा पास की थी। इससे पहले वह लखनऊ, गोरखपुर, बाराबंकी, बस्ती और मैनपुरी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग डीएम साहब के धैर्य और सहृदयशीलता की जमकर तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ बच्चे की बात को पूरे सम्मान के साथ सुना, बल्कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच और मदद के सख्त निर्देश भी जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
Read more-गंभीर की गैरमौजूदगी में जिम्बाब्वे दौरे पर निकली टीम इंडिया, किसे मिली कोच की कमान?
