CM Yogi Adityanath Reel: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर की। इस रील में मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने सेल्फी वीडियो के जरिए बाबा नीब करौरी की पावन धरती फर्रुखाबाद को नमन किया और बताया कि वह जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने पहुंचे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर लोगों से मुलाकात की और बाढ़ से बने हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के इस सोशल मीडिया पोस्ट की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करते रहे हैं।
राहत कार्यों का लिया जायजा, लोगों से मिलने का बताया प्लान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने वीडियो में कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे और राहत सामग्री भी बांटेंगे। उन्होंने अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने की बात कही। सीएम ने साफ किया कि बाढ़ के कारण परेशान लोगों तक खाना, दवाइयां और जरूरत का अन्य सामान पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। योगी ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि डबल इंजन की बीजेपी सरकार मुश्किल की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
जनसभा में बोले योगी- आपदा के समय सरकार आपके साथ
फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपदा के समय उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार की ओर से जरूरत के मुताबिक सहायता पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को राहत और बचाव के काम में तेजी बनाए रखनी चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। उन्होंने इस दौरान क्षेत्र में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया और कहा कि केवल तत्काल राहत देने के बजाय भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए भी ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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गंगा की चैनलाइजिंग पर दिया जोर, बताया क्षेत्र की बड़ी जरूरत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि फर्रुखाबाद क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजिंग किए जाने की जरूरत है। उनके मुताबिक नदी के बहाव को व्यवस्थित करने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र की प्रमुख जरूरतों में से एक है और इस दिशा में काम होने से आसपास के गांवों को बाढ़ से होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ राहत, प्रभावित लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने और भविष्य में बाढ़ की समस्या को कम करने के उपायों पर फोकस रहा।
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