तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने पार्टी ऑफिस में हुई कथित तोड़फोड़ को लेकर पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार, 3 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने दावा किया कि सुबह के वक्त उनके पार्टी ऑफिस को निशाना बनाया गया। इस घटना को लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की मांग की। अभिषेक ने सवाल उठाया कि क्या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कदम उठाया जाएगा या फिर इस मामले को भी नजरअंदाज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के साथ इस तरह की घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
‘हाई कोर्ट को लेना चाहिए संज्ञान’, न्यायपालिका से भी लगाई गुहार
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अब इस मामले में न्यायपालिका को भी गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर कलकत्ता हाई कोर्ट से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संज्ञान लेने और जरूरी कदम उठाने की अपील की। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक राज्य में राजनीतिक विरोध का जवाब तोड़फोड़ या डराने-धमकाने से नहीं दिया जा सकता। अभिषेक ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें टीएमसी और उनसे इतनी परेशानी क्यों है कि कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। अभिषेक ने आरोप लगाया कि अगर राज्य में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा, धमकी और तोड़फोड़ का सिलसिला जारी रहता है, तो सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर पद छोड़ने की मांग भी की।
अभिषेक की चेतावनी- कोई घटना नहीं भूली जाएगी
टीएमसी सांसद ने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर होने वाली ऐसी घटनाओं को लोकतंत्र का हिस्सा नहीं माना जा सकता। उन्होंने इसे राजनीतिक गुंडागर्दी करार देते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। अभिषेक ने उन लोगों को भी निशाने पर लिया जो ऐसी घटनाओं के बावजूद चुप रहते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए नहीं होना चाहिए। अपने बयान के अंत में उन्होंने साफ संकेत दिया कि पार्टी ऑफिस में हुई तोड़फोड़ का मामला यहीं खत्म नहीं होने वाला। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ऐसी हर घटना को याद रखा जाएगा। उन्होंने खास तौर पर हमले, डराने-धमकाने और सत्ता के कथित दुरुपयोग का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ भी भुलाया नहीं जाएगा। अब इस पूरे मामले में सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
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