राजस्थान के कोटा की 16 वर्षीय तन्वी की मौत के बाद दिल्ली AIIMS की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। तन्वी को जन्म से ही दिल की गंभीर बीमारी थी और उसका परिवार लंबे समय से इलाज के लिए AIIMS के संपर्क में था। मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को तन्वी ने दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि बच्ची की सर्जरी के लिए उन्हें वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद AIIMS प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी तन्वी के इलाज से जुड़े पूरे मामले की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि उसकी हालत, इलाज और सर्जरी को लेकर समय-समय पर क्या फैसले लिए गए थे।
2012 में पहली बार AIIMS पहुंची थी तन्वी
AIIMS के मुताबिक तन्वी की पहली जांच 10 अक्टूबर 2012 को कार्डियोलॉजी OPD में हुई थी। जांच में उसके दिल में छेद यानी वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) और पल्मोनरी एट्रेसिया की जानकारी सामने आई थी। यह जन्म से होने वाली बीमारी है, जिसमें दिल से फेफड़ों तक खून पहुंचने में परेशानी होती है। इसके बाद 2013 में तन्वी के दिल की बनावट और सर्जरी की संभावनाओं को समझने के लिए कई अहम जांच की गईं। इनमें CT एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथीटेराइजेशन जैसी जांच शामिल थीं। इन रिपोर्टों के आधार पर डॉक्टरों ने उसकी बीमारी की जटिलता को समझने की कोशिश की।
2017 में सर्जरी को लेकर क्या फैसला हुआ था?
AIIMS की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 2017 में तन्वी के दिल की संरचना और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने माना कि सर्जरी कर पाना संभव नहीं था। परिवार को नियमित जांच और दवाओं के जरिए इलाज जारी रखने की सलाह दी गई। इसके बाद भी तन्वी AIIMS के संपर्क में रही। परिवार ने बाद में दूसरे विशेषज्ञों से भी राय ली। पिछले साल CTVS विभाग के प्रमुख से सलाह लेने पर भी दवाओं से इलाज जारी रखने की बात कही गई। इसके अलावा एक अन्य वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन से राय लेने के बाद भी ऑपरेशन के बजाय मेडिकल मैनेजमेंट की सलाह दी गई। परिवार हालांकि सर्जरी की संभावना तलाशता रहा।
अगस्त में फिर भर्ती हुई तन्वी, 1 सितंबर को मौत
तन्वी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे 24 अगस्त 2026 को AIIMS में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उसकी विस्तृत जांच की गई और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना पर भी विचार किया गया। हालांकि 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई। तन्वी के पिता ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि वह लंबे समय से बेटी के इलाज के लिए प्रयास कर रहे थे। वहीं AIIMS ने कहा है कि मरीज की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच होगी। पोस्टमार्टम और कमेटी की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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