तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित सरकारी अस्पताल से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने अस्पतालों की सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज के लिए भर्ती एक बुजुर्ग महिला के पैर का अंगूठा कथित तौर पर चूहे ने काट लिया। बताया जा रहा है कि महिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती थी और रात के समय आराम कर रही थी। इसी दौरान चूहा उसके बिस्तर तक पहुंच गया और पैर के अंगूठे को घायल कर दिया। जब महिला को तेज दर्द महसूस हुआ तो आसपास मौजूद लोगों ने अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत महिला का इलाज शुरू किया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल बन गया।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल, प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद महिला के परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि अस्पताल परिसर की नियमित सफाई और कीट नियंत्रण की व्यवस्था बेहतर होती तो ऐसी घटना नहीं होती। परिजनों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं अस्पताल प्रशासन ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही महिला को जरूरी चिकित्सा सुविधा दी गई और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी शिकायतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में चूहों की समस्या नई नहीं है। समय-समय पर मरीजों और उनके परिजनों ने वार्डों में चूहों के घूमने की शिकायत की है। हालांकि, हर बार सफाई व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया गया, लेकिन हालात में बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि वार्डों में चूहों या अन्य जीवों की मौजूदगी रहती है, तो इससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी कीट नियंत्रण व्यवस्था बेहद जरूरी है।
घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति को लेकर बहस छेड़ दी है। मरीज और उनके परिजन चाहते हैं कि इलाज के साथ-साथ अस्पतालों में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल महिला का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर पर चूक हुई और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
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