‘नाराज फूफा जी’ वाले बयान ने खींचा ध्यान
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) ने विपक्ष पर तंज कसते हुए ‘नाराज फूफा जी’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब यह सवाल उठा सकते हैं कि फ्रेट कॉरिडोर बनने से ट्रक वालों का क्या होगा। पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब ‘फूफा जी’ को भी काम मिल गया है। उनके मुताबिक, फ्रेट कॉरिडोर के जरिए बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचाया जा सकेगा। पीएम के इस बयान की राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।
फाइलों के अटकने का भी किया जिक्र
पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की योजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। उस समय आज की Gen Z पीढ़ी के कई युवा पैदा भी नहीं हुए थे। उन्होंने दावा किया कि 2006 में परियोजना के लिए विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक काम की रफ्तार काफी धीमी रही। इसी पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा कि फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं और परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि 2014 में जनता ने उन्हें गुजरात से दिल्ली भेजा और इसके बाद इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
2800 KM से ज्यादा कॉरिडोर पूरा होने का दावा
PM Modi ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पिछली सरकारों पर ट्रेनों की घोषणा को लेकर भी तंज कसा। पीएम के मुताबिक, पहले एक-दो ट्रेनों की घोषणा को लेकर लंबे समय तक प्रचार होता था, जबकि अब लगातार नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां जुड़ने के साथ परियोजना का 2800 किलोमीटर से अधिक हिस्सा पूरा हो चुका है। पीएम ने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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