उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि 11 दिनों के भीतर घर के तीन सदस्य दुनिया छोड़ गए। पहले भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में आने से छह वर्षीय मासूम हसनैन की मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर उसकी मां रजिया खातून सहन नहीं कर सकीं और कुछ ही समय बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। परिवार अभी इन दोनों मौतों के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि बच्चे के पिता सुभान अहमद की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पत्नी और बेटे के बिछड़ने का दर्द उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर कोई इस परिवार की त्रासदी की चर्चा कर रहा है।
कब्रिस्तान में मिला दिल दहला देने वाला दृश्य
परिजनों के अनुसार, सुभान अहमद पिछले कई दिनों से गहरे तनाव और दुख में थे। शुक्रवार सुबह वह फातिहा पढ़ने और अपनी पत्नी व बेटे की कब्र पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब काफी समय तक वह वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोग उन्हें तलाशने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। सुभान जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े थे। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान और परिवार के घर पहुंचने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दर्दनाक और भावुक दृश्य पहले कभी नहीं देखा था।
पैर पर मिले निशान से बढ़ा रहस्य
सुभान अहमद की मौत के बाद एक और बात सामने आई जिसने मामले को और रहस्यमय बना दिया। परिजनों ने बताया कि उनके पैर पर एक निशान मिला था। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि कब्रिस्तान में लेटे रहने के दौरान उन्हें किसी जहरीले कीड़े या जीव ने काट लिया हो। हालांकि कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि लगातार सदमे और मानसिक तनाव ने उनकी जान ले ली। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक मानसिक आघात और लगातार तनाव भी कई बार शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है। हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया
इस दर्दनाक घटना का सबसे बड़ा असर सुभान और रजिया के तीन बच्चों पर पड़ा है। परिवार के 17 वर्षीय सैफ, 14 वर्षीय रोशनी और 11 वर्षीय आलिया अब पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। पहले छोटे भाई की मौत, फिर मां और अब पिता के चले जाने से पूरा परिवार टूट गया है। रिश्तेदारों का कहना है कि बच्चों का भविष्य अब सबसे बड़ी चिंता बन गया है। परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था करने की मांग की है। परिजनों के मुताबिक, 25 मई को हसनैन की तबीयत भीषण गर्मी के कारण बिगड़ी थी और इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत का सदमा उसकी मां बर्दाश्त नहीं कर सकीं और अब पिता भी दुनिया छोड़ गए। 11 दिनों के भीतर हुई तीन मौतों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गांव और आसपास के लोग इस परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
