राजधानी दिल्ली की सियासत में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं को पुलिस ने अचानक हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हैं। इस हाई-प्रोफाइल पुलिस कार्रवाई के बाद पूरे लुटियंस जोन में तनाव का माहौल बन गया है। कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले घंटों में एक बड़े राजनीतिक टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
पुलिस एक्शन से भड़का विपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष ने किया बड़े मार्च का ऐलान
विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भड़ास निकालते हुए पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक करार दिया और कहा कि देश के शीर्ष विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज (दीपके) ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वे पुलिस की इस तानाशाही के खिलाफ शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने ऐलान किया है कि कार्यकर्ता एकजुट होकर पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) तक एक विशाल पैदल मार्च निकालेंगे।
सोनम वांगचुक का सख्त रुख: ‘छात्रों पर हुए जुल्म के बाद नहीं टूटेगा अनशन’
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लद्दाख के प्रसिद्ध समाज सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया देकर माहौल को और गरमा दिया है। पुलिस द्वारा छात्रों और युवाओं पर किए गए कथित लाठीचार्ज और कठोर रवैये से वांगचुक बेहद आहत नजर आए। उन्होंने साफ कर दिया है कि जिस क्रूरता से पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पीटा है, उसे देखते हुए वे अपना अनशन किसी भी कीमत पर खत्म नहीं करेंगे। वांगचुक के इस कड़े रुख ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं और आंदोलन के और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली की सड़कें छावनी में तब्दील, क्या बड़े आंदोलन का रूप लेगी यह जंग?
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर पीएम आवास और आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है। एक तरफ जहां विपक्ष पुलिस हेडक्वार्टर के घेराव की रणनीति बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ वांगचुक का अडिग रुख सरकार के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रहा है। अब देखना यह होगा कि राहुल-प्रियंका और अखिलेश यादव की रिहाई के बाद यह राजनीतिक ड्रामा क्या नया मोड़ लेता है और क्या विपक्ष का यह सांझा प्रदर्शन सरकार को बैकफुट पर लाने में कामयाब हो पाएगा।
Read more-दिल्ली में छात्र आंदोलन पर UP के CM योगी ने तोड़ी चुप्पी! कहा- ‘कुछ लोग युवाओं को बहका…’
