कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को भारत पहुंच गए। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी पुरानी मांग को फिर दोहराया और कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में कई छात्रों की मौत और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों ने युवाओं में चिंता बढ़ाई है। दीपके का कहना है कि शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की जरूरत है। भारत पहुंचते ही उनके बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज कर दी। बड़ी संख्या में छात्र और युवा उनके प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पहले से ही सक्रिय नजर आ रहे हैं। दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी टकराव की स्थिति पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखना है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को मिली अनुमति
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कई दिनों से चर्चा चल रही थी। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की कि उन्हें जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिल गई है। इसके बाद संगठन ने अपने समर्थकों और छात्रों से निर्धारित स्थान पर पहुंचने की अपील की। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संविधान के दायरे में रहकर किया जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। संगठन के अनुसार, प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों का केंद्र रहा है और अब यह नया प्रदर्शन भी राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहा है।
VIDEO | Abhijeet Dipke, founder of the online movement Cockroach Janta Party (CJP), arrives in Delhi, says, “Education Minister must resign. Five students have committed suicide.”
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/BoGzUMNt5h
— Press Trust of India (@PTI_News) June 6, 2026
परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठाए जा रहे सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि देश में आयोजित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। संगठन का आरोप है कि विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। इसी मुद्दे को लेकर CJP जवाबदेही की मांग कर रही है। पार्टी का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है। अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं और ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके सपनों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील भी की। संगठन का मानना है कि यदि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए तो शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
आंदोलन को मिल रहा समर्थन, बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा
जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र समूहों ने भी समर्थन जताया है। आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। समर्थकों का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस और संवाद होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका अभियान युवाओं की आवाज को सामने लाने का प्रयास है और इसे किसी राजनीतिक टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन किस दिशा में जाता है और इससे जुड़े मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर राष्ट्रीय बहस और छात्र आंदोलनों का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
