Vice President Resignation: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब सदन की कार्यवाही को लेकर कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। इस्तीफे की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस्तीफे के कारणों का औपचारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि धनखड़ ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।
पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया: व्यक्तिगत और सार्थक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति के इस अप्रत्याशित कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “बहुआयामी व्यक्तित्व” बताया। पीएम मोदी ने कहा, “जगदीप जी ने हर भूमिका में गरिमा, दृढ़ता और विवेक के साथ कार्य किया है — चाहे वह एक वकील के रूप में हो, राज्यपाल के रूप में या फिर देश के उपराष्ट्रपति के रूप में। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा।” पीएम की यह भावुक प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि धनखड़ का इस्तीफा सरकार के लिए भी एक बड़ा झटका है।
Shri Jagdeep Dhankhar Ji has got many opportunities to serve our country in various capacities, including as the Vice President of India. Wishing him good health.
श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 22, 2025
नई सियासी चुनौती: उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर लटकी अनिश्चितता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धनखड़ का यह कदम आने वाले समय में विपक्ष और सत्ता पक्ष के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। अब सवाल उठता है कि उनके उत्तराधिकारी के रूप में कौन पदभार संभालेगा और क्या ये इस्तीफा किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद संभाला था और वह अब तक अपने दृढ़ और स्पष्ट वक्तव्यों के लिए चर्चित रहे हैं।
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