संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही नीट (NEET) पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और जंतर-मंतर की घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती की गई और इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को जवाब देना चाहिए। विपक्ष के लगातार विरोध के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12:50 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद वह चर्चा से बचती हुई नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास हर मुद्दे का जवाब है तो फिर खुली बहस से परहेज क्यों किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश के सामने इस समय कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले जैसे विषयों पर सरकार पहले अपना पक्ष रखे। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर चर्चा के बाद ही अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्पादक सत्र की जताई उम्मीद
संसद भवन पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे समय पर आने वाला मानसून देश के लिए लाभदायक होता है, उसी तरह संसद का सत्र भी तभी सफल माना जाएगा जब उसमें सार्थक और रचनात्मक चर्चा हो। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सत्र देशहित के मुद्दों पर गंभीर बहस और महत्वपूर्ण फैसलों का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चले और सभी दल लोकतांत्रिक भावना के साथ अपनी बात रखें। प्रधानमंत्री के इस बयान को सरकार की ओर से विपक्ष को संवाद का संदेश माना जा रहा है, हालांकि सदन के भीतर विपक्ष का विरोध जारी रहा।
छात्रों के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक गर्मी
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है। संसद के भीतर विपक्ष लगातार इस विषय पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाना चाहती है। ऐसे में मानसून सत्र के शुरुआती दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जल्द सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में भी संसद में हंगामे का सिलसिला जारी रह सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों और विपक्ष की मांगों पर क्या आधिकारिक जवाब देती है और क्या इन विषयों पर विस्तृत चर्चा के लिए समय तय किया जाता है।
