बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह (Awadhesh Narayan Singh) ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र परिषद के उपसभापति को सौंपा। अवधेश नारायण सिंह (Awadhesh Narayan Singh) बीजेपी कोटे से सभापति की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पद छोड़ने के बाद अब परिषद में नए सभापति के चुनाव की स्थिति बन गई है। इसी के साथ बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि अगली बार यह जिम्मेदारी किस दल और किस नेता को मिल सकती है।
JDU को लेकर क्यों तेज हुई चर्चा?
अवधेश नारायण सिंह (Awadhesh Narayan Singh) के इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि अगला सभापति JDU कोटे से हो सकता है। हालांकि अभी इसे लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सत्ता पक्ष में नए नाम को लेकर मंथन की चर्चा के बीच विधान परिषद के मौजूदा उपसभापति रामबचन राय का नाम सामने आ रहा है। अगर उनके नाम पर सहमति बनती है तो सभापति पद की जिम्मेदारी उन्हें दी जा सकती है। फिलहाल इसे संभावित नाम के तौर पर ही देखा जा रहा है।
अब परिषद में आगे क्या होगा?
सभापति का पद खाली होने के बाद नए सभापति के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। तब तक सदन के संचालन को लेकर उपसभापति की भूमिका अहम रहेगी। यानी परिषद का कामकाज रुकेगा नहीं और संसदीय प्रक्रिया जारी रह सकती है। नए सभापति का चुनाव होने के बाद ही इस पद को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। ऐसे में अब राजनीतिक दलों की गतिविधियों और अगले फैसले पर नजर रहेगी।
रामबचन राय के नाम ने बढ़ाई उत्सुकता
अवधेश नारायण सिंह (Awadhesh Narayan Singh) के इस्तीफे के बाद फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई जिम्मेदारी किसे मिलेगी। रामबचन राय का नाम चर्चा में आने से इस पूरे घटनाक्रम में दिलचस्पी और बढ़ गई है। हालांकि अंतिम फैसला होने तक किसी नाम को तय मानना जल्दबाजी होगी। अभी इतना स्पष्ट है कि इस्तीफे के बाद बिहार विधान परिषद के अगले सभापति के चुनाव का रास्ता खुल गया है और आने वाले समय में तस्वीर साफ हो सकती है।
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