नीट (NEET) पेपर लीक और 21 छात्रों की संदिग्ध मौत के मामलों को लेकर पिछले काफी समय से देश का सियासी और शैक्षणिक पारा गर्माया हुआ था। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर चल रहा उग्र प्रदर्शन आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। जैसे ही यह खबर आई कि मंत्री ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और युवाओं के बीच खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर जश्न मनाने लगे, आतिशबाजी जैसे हालात बन गए और चारों तरफ जीत के नारे गूंजने लगे।
चारों तरफ से उमड़ी भीड़, सड़कों पर लगा भारी ट्रैफिक जाम
इस बड़ी राजनीतिक हलचल के बाद राजधानी दिल्ली की फिज़ा ही बदल गई। जंतर-मंतर पर जश्न की यह खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई, जिसके बाद दिल्ली के अलग-अलग कोनों से छात्र और आम लोग भारी संख्या में जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने लगे। अचानक से सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ने के कारण नई दिल्ली इलाके के कई मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे पुलिस प्रशासन की चिंताएं अचानक से बढ़ गईं।
दिल्ली पुलिस की सख्त अपील: ‘फिलहाल जंतर-मंतर आने से बचें’
हालात बेकाबू होते देख और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से जनता से अपील की है कि वे फिलहाल जंतर-मंतर की ओर आने से बचें। पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकलें और नई दिल्ली के रास्तों के बजाय वैकल्पिक मार्गों (Alternative Routes) का इस्तेमाल करें। भारी भीड़ के कारण सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
नीट के इतिहास का सबसे बड़ा मोड़, आगे क्या होगा?
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश की छात्र राजनीति में एक बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, क्योंकि 21 नीट कैंडिडेट्स की मौत और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई अभी बाकी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हालांकि जश्न मनाना शुरू कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष किसी न किसी रूप में जारी रहेगा।
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