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मालवीय नगर अग्निकांड के 26 घंटे बाद पहुंचीं सीएम, लेकिन कई बड़े नेता अब भी क्यों नहीं पहुंचे?

मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद नेताओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए कौन नेता घटनास्थल पहुंचा, किसने पीड़ितों से मुलाकात की और कौन अब तक नजर नहीं आया।

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दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई कि इतने बड़े हादसे के बाद कौन-कौन नेता पीड़ितों के बीच पहुंचे और किसने दूरी बनाए रखी। आमतौर पर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है। ऐसे में मालवीय नगर हादसे के बाद नेताओं की सक्रियता और अनुपस्थिति दोनों चर्चा का विषय बन गई हैं।

सीएम रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर की पीड़ितों से मुलाकात

हादसे के लगभग 26 घंटे बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली। हालांकि मुख्यमंत्री के देर से पहुंचने को लेकर विपक्ष ने सवाल भी उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री को पहले ही मौके पर पहुंचना चाहिए था। इस बीच दिल्ली सरकार के गृह मंत्री Ashish Sood ने घटना के तुरंत बाद प्रभावित इलाके का दौरा किया और अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कई बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

हादसे के बाद कई नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री Parvesh Verma के घटनास्थल पर पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई। वहीं, विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता भी मौके पर नहीं पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Atishi Marlena और वरिष्ठ नेता Saurabh Bharadwaj की ओर से संवेदना व्यक्त की गई, लेकिन उनके घटनास्थल दौरे की कोई पुष्टि नहीं हुई। इसी तरह दिल्ली के मेयर और कुछ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के दौरे की जानकारी भी सामने नहीं आई। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दल एक-दूसरे पर संवेदनहीनता के आरोप लगा रहे हैं।

कुछ नेताओं ने मौके पर पहुंचकर जताई संवेदना

जहां कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी चर्चा में रही, वहीं कई जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Devender Yadav ने स्थानीय नेताओं के साथ घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने हादसे की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, बीजेपी सांसद Manoj Tiwari ने भी मौके का जायजा लिया और इसे बेहद दुखद घटना बताया। मालवीय नगर क्षेत्र के विधायक Satish Upadhyay ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। इस हादसे ने न केवल सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह बहस भी छेड़ दी है कि ऐसी त्रासदियों के समय जनता अपने नेताओं से किस तरह की संवेदनशीलता और सक्रियता की अपेक्षा करती है।

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