प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के मुद्दों को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। इस वीडियो में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर की सीढ़ियों पर बैठे दिखाई देते हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उनके पहनावे को लेकर हो रही है, क्योंकि वीडियो में उनके एक पैर में जूता है जबकि दूसरा पैर बिना जूते के नजर आता है। यही तस्वीर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के साथ शेयर की जा रही है। हालांकि वीडियो का मुख्य केंद्र छात्रों के मुद्दे और शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया रही, जिसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
छात्रों के समर्थन में उठाईं तीन बड़ी मांगें
डिटेंशन सेंटर से सामने आए वीडियो में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि संसद में छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर बहस की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं से जुड़े सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस दौरान तीन प्रमुख मांगें भी सामने रखीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग। दूसरी, प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित तौर पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई। तीसरी, आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के युवाओं से माफी मांगने और शिक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील भी की। उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में
मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व में कई सांसद और विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा छात्रों से जुड़े मामलों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कुछ नेताओं को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जबकि राहुल गांधी सहित कुछ अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम स्थित डिटेंशन सेंटर भेजा गया। वहीं से उनका वीडियो सामने आया, जिसने पूरे घटनाक्रम को नई चर्चा का विषय बना दिया। राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए।
कुछ घंटे बाद रिहाई, लेकिन सियासी बहस अभी भी जारी
हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटे बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं। रिहाई के बाद भी छात्रों के मुद्दे, संसद में चर्चा और विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि वह छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दे लगातार उठाती रहेगी, जबकि सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जा रहा है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा राहुल गांधी का वीडियो लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह बहस और तेज हो सकती है।
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