देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को एक ऐसी सियासी हलचल देखने को मिली, जिसने न सिर्फ सरकार बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरी तरह चौकन्ना कर दिया। सोशल मीडिया से शुरू हुआ एक अनोखा अभियान अब दिल्ली की सड़कों पर उतर चुका है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर डेरा डाल दिया है, जिसके बाद पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। खुफिया इनपुट और कानून व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशे को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा इतनी कड़ी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इस अचानक हुए बड़े प्रदर्शन ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
एयरपोर्ट पर लैंड होते ही जंतर-मंतर की तरफ दौड़े दीपके
इस पूरे आंदोलन की कमान संभाल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके जैसे ही सुबह करीब आठ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। कयास लगाए जा रहे थे कि वह पहले संसद मार्ग थाने जा सकते हैं, लेकिन पुलिस को चकमा देते हुए दीपके एयरपोर्ट से सीधे जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए। उनके दिल्ली आगमन की खबर फैलते ही सीजेपी के समर्थक भारी संख्या में तयशुदा प्रदर्शन स्थल पर जुटने लगे। संगठन ने पहले ही सोशल मीडिया के जरिए अपने कार्यकर्ताओं से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और आनंद-फानंद में जंतर-मंतर को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
दिल्ली में अभेद्य सुरक्षा चक्र, मंत्री आवास के बाहर भी पहरा
हालात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए अर्धसैनिक बलों की करीब 40 कंपनियों को मैदान में उतारा गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एडिशनल डीसीपी स्तर के बड़े अधिकारियों को खुद ‘फील्ड ड्यूटी’ पर तैनात रहकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर भी एहतियातन सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है। दिल्ली की सीमाओं और मध्य दिल्ली की ओर आने वाले सभी रणनीतिक मार्गों पर बैरिकेडिंग करके गाड़ियों की सघन चेकिंग की जा रही है। स्पेशल ब्रांच की टीमें हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि प्रदर्शन की आड़ में कोई अराजक तत्व माहौल खराब न कर सके।
कैब बुकिंग और सोशल मीडिया पर नजर, मेट्रो सेवा सामान्य
इस बार प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस एक बिल्कुल नए और आधुनिक फॉर्मूले पर काम कर रही है। पुलिस की एक विशेष टीम ओला-उबर जैसी प्राइवेट कैब कंपनियों के लगातार संपर्क में है, ताकि जंतर-मंतर या उसके आसपास के इलाकों के लिए होने वाली कैब बुकिंग में किसी भी तरह के असामान्य उछाल को ट्रैक किया जा सके। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि आम जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है; दिल्ली मेट्रो की सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
‘तिलचट्टा और परजीवी’ वाले बयान से भड़की यह अनोखी चिंगारी
आखिर इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत कैसे हुई और यह पूरा माजरा क्या है? दरअसल, इसके पीछे एक दिलचस्प कानूनी और सियासी विवाद है। पिछले महीने एक अदालती सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कुछ खास टिप्पणी करते हुए कुछ व्यक्तियों को ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टा) और ‘परजीवी’ कह दिया था। कोर्ट की इसी टिप्पणी को हथियार बनाकर सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक (Sarcastic) मुहिम शुरू की गई, जिसने देखते ही देखते एक बड़े ऑनलाइन आंदोलन का रूप ले लिया। आज यही डिजिटल मुहिम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के रूप में देश की राजधानी की सड़कों पर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है।
