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क्या TMC में बढ़ रही है नाराजगी? ममता बनर्जी के एक और बड़े नेता ने छोड़ा पद

पश्चिम बंगाल में TMC को एक और झटका लगा है। बीरभूम जिला अध्यक्ष आशीष बनर्जी ने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालिया चुनावी प्रदर्शन और संगठन के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच यह फैसला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीरभूम जिला अध्यक्ष और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष Ashish Banerjee ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Subrata Bakshi को दे दी है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे इस्तीफों ने पार्टी संगठन की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चुनावी प्रदर्शन के बाद बढ़ी नाराजगी

जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीरभूम जिले में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर असंतोष बढ़ा है। इस बार जिले की 11 विधानसभा सीटों में से केवल 5 सीटों पर ही तृणमूल कांग्रेस जीत दर्ज कर सकी, जबकि 6 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की। यह नतीजा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले चुनाव में स्थिति बिल्कुल अलग थी। चुनावी हार के बाद कई नेताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली और रणनीति पर सवाल उठाए हैं। आशीष बनर्जी ने भी संकेत दिए हैं कि जिले की कोर कमेटी चुनाव के दौरान अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर सकी। माना जा रहा है कि संगठन के भीतर चल रही असहमति और चुनावी नतीजों का असर अब खुलकर सामने आने लगा है।

पहले भी हो चुका है इस्तीफा, बढ़ी अंदरूनी खींचतान की चर्चा

आशीष बनर्जी का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पार्टी पहले से ही एक अन्य बड़े नेता के इस्तीफे को लेकर चर्चा में है। इससे पहले Kakoli Ghosh Dastidar ने भी बारासात जिला अध्यक्ष पद और संगठन के अन्य पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उन्होंने भी पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रहे इस्तीफे पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और असंतोष की ओर इशारा करते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताया जा रहा है। फिर भी विपक्ष इन घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहा है और दावा कर रहा है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

पार्टी में बने रहेंगे नेता, लेकिन बढ़े राजनीतिक सवाल

अपने इस्तीफे के बाद आशीष बनर्जी ने साफ कहा है कि उनका फैसला केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी से जुड़ा है और वह पार्टी छोड़ने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी तृणमूल कांग्रेस के लिए कार्य करते रहेंगे। दूसरी ओर, पार्टी नेतृत्व भी लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि संगठन में किसी तरह का संकट नहीं है। लेकिन एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं के पद छोड़ने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व इन इस्तीफों से कैसे निपटता है और संगठन को कैसे मजबूत करता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। खासकर ऐसे समय में जब राज्य की राजनीति लगातार बदल रही है और विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

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