Homeदेशनमक-रोटी पर जिंदा रखे गए मजदूर! मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री से निकली ऐसी...

नमक-रोटी पर जिंदा रखे गए मजदूर! मुजफ्फरनगर की फैक्ट्री से निकली ऐसी सच्चाई, जिसे सुनकर पुलिस भी रह गई दंग

मुजफ्फरनगर की दोना-पत्तल फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराया गया। मजदूरों ने जबरन काम, मारपीट, नमक-रोटी पर गुजारा और बंधक बनाकर रखने के गंभीर आरोप लगाए।

-

मुजफ्फरनगर में एक दोना-पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री से सामने आया मामला इंसानियत को झकझोर देने वाला है। पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 13 मजदूरों को मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित तौर पर लंबे समय से जबरन फैक्ट्री में काम कराया जा रहा था। जांच में पता चला कि इन मजदूरों को बेहतर नौकरी और अच्छी तनख्वाह का लालच देकर अलग-अलग राज्यों से बुलाया गया था। लेकिन फैक्ट्री पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। कई मजदूरों ने बताया कि वे महीनों तक अपने परिवारों से संपर्क तक नहीं कर पाए क्योंकि उनके मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज पहले ही ले लिए गए थे।

24 घंटे काम, एक वक्त का खाना और मारपीट का आरोप

मुक्त कराए गए मजदूरों ने जो कहानी बताई, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। उनके अनुसार उनसे दिन-रात काम कराया जाता था और बदले में पर्याप्त भोजन या मजदूरी नहीं दी जाती थी। कई मजदूरों ने दावा किया कि उन्हें दिनभर की मेहनत के बाद केवल नमक-रोटी दी जाती थी। विरोध करने या काम में कमी आने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। कुछ मजदूरों के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं, जिनकी पुष्टि मेडिकल जांच में की जा रही है। पीड़ितों का कहना है कि फैक्ट्री परिसर में डर का ऐसा माहौल बनाया गया था कि कोई भी भागने की हिम्मत नहीं कर पाता था। इसी कारण अधिकांश मजदूर लंबे समय तक वहां फंसे रहे।

एक मजदूर की हिम्मत बनी सभी की आजादी का रास्ता

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मजदूर को फैक्ट्री से निकलने का मौका मिल गया। बताया जा रहा है कि एक दिन फैक्ट्री का मुख्य संचालक मौजूद नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी ढील थी। इसी दौरान एक मजदूर वहां से निकलकर सीधे पुलिस के पास पहुंच गया। उसने अधिकारियों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर छापा मारा। मौके से 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने वहां मौजूद दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच टीम को फैक्ट्री से कुछ ऐसे सामान भी मिले हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उनका इस्तेमाल मजदूरों को डराने या प्रताड़ित करने में किया जाता था।

मौत और लापता मजदूरों की जांच में जुटी पुलिस

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में एक मजदूर की मौत की जानकारी मिली है, जबकि दो अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी मुक्त कराए गए मजदूरों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब फैक्ट्री के मुख्य संचालक और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। श्रम विभाग भी यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर इतनी लंबी अवधि तक यह गतिविधि कैसे चलती रही। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित मजदूरों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Read more-टीम इंडिया में चुने गए वैभव सूर्यवंशी, लेकिन इंग्लैंड में नहीं कर पाएंगे यह काम! वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts