भरत तिवारी एनकाउंटर मामला बिहार में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में बुधवार को इस मुद्दे पर बड़ी महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें दूर-दराज से लोग शामिल हुए। इस बैठक में सामाजिक और राजनीतिक हलकों से भी कई लोग पहुंचे। जन सुराज के संस्थापक Prashant Kishor भी इस महापंचायत में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच जरूरी है ताकि यह साफ हो सके कि घटना के पीछे असली जिम्मेदार कौन है। परिवार ने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा या नौकरी नहीं चाहिए, सिर्फ न्याय चाहिए।
भाई चंदन तिवारी का दिल्ली जाने का ऐलान
महापंचायत के बीच भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली जाएंगे और वहां न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। चंदन ने लोगों से अपील की कि जब वह दिल्ली पहुंचें, तो वहां भी लोग उनका साथ देने के लिए आगे आएं। उनके इस बयान के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। परिवार का कहना है कि वे अब इस लड़ाई को सिर्फ गांव या जिले तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की तैयारी में हैं।
FIR और पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा विवाद
इस मामले में पहले से ही कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने भरत तिवारी के पिता और भाई पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उनके कहने पर शव रखकर हाईवे जाम किया गया और प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा पुलिस ने यह भी दावा किया है कि हथियार से जुड़ी जानकारी परिवार को थी, लेकिन इसे साझा नहीं किया गया। इस मामले में कुल 50 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, परिवार का कहना है कि वे केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और किसी तरह की गलत गतिविधि में शामिल नहीं हैं।
कोर्ट तक पहुंचा मामला, जांच की मांग तेज
यह विवाद अब अदालत तक भी पहुंच चुका है। मामले में पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है, जहां याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच या रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर, परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। पुलिस ने भी कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की है और मामले की जांच जारी है। अब सभी की नजर अदालत और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि यही तय करेगी कि आगे इस मामले में क्या दिशा निकलती है।
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