ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद वहां शोक का माहौल है। इसी बीच ईरान सरकार की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजे जाने की खबर सामने आई है। इस निमंत्रण के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक भारत सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भारत इस निमंत्रण पर क्या फैसला लेता है। अगर प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो यह दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
कई दिनों तक चलेंगे श्रद्धांजलि कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार खामेनेई को श्रद्धांजलि देने और अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में कई दिनों तक आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में ईरान के विभिन्न शहरों में धार्मिक और सरकारी स्तर पर आयोजन किए जाएंगे। दुनिया के कई देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। ईरान में खामेनेई को लंबे समय तक देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता रहा है। उनके निधन के बाद बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसी वजह से अंतिम संस्कार कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की ओर से अभी नहीं हुआ कोई फैसला
सूत्रों के अनुसार निमंत्रण भारत के संबंधित विभागों तक पहुंच चुका है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कार्यक्रम में जाएंगे या भारत की ओर से कोई अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होगा। आमतौर पर ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में देशों की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाता है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, इसलिए इस निमंत्रण को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
दुनिया की नजर भारत के अगले कदम पर
पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों में हुए घटनाक्रमों के कारण ईरान वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ऐसे समय में खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। कई देशों के नेता और प्रतिनिधि इसमें शामिल हो सकते हैं। भारत का फैसला भी इस कार्यक्रम की प्रमुख चर्चाओं में शामिल है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही भारत सरकार की ओर से कोई निर्णय सामने आएगा, तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
