दिल्ली से अमृतसर जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब वह अपने निर्धारित मार्ग से भटककर कुछ समय के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, विमान ने सोमवार रात दिल्ली से सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी और तय समय पर अमृतसर पहुंचना था। लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या आने से नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हो गया। इसी वजह से विमान अपनी दिशा से हट गया और अनजाने में पाकिस्तान की सीमा के भीतर प्रवेश कर गया। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है। ऐसे में विमान का वहां पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया।
पाकिस्तानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चेतावनी के बाद हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि विमान के पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंचते ही वहां के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने स्थिति को नोटिस किया और संबंधित चेतावनी जारी की। इसके बाद पायलट को मार्ग में हुई गड़बड़ी का पता चला। सूचना मिलते ही विमान को तुरंत वापस भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर मोड़ दिया गया। अधिकारियों के अनुसार विमान पाकिस्तान की सीमा के अंदर बहुत अधिक दूरी तक नहीं गया था, लेकिन प्रतिबंधित एयरस्पेस में प्रवेश होने के कारण मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। विमान के वापस लौटने के बाद सुरक्षा और तकनीकी टीमों को भी इस घटना की जानकारी दी गई, ताकि पूरे मामले की जांच की जा सके।
अमृतसर पहुंचने से पहले बढ़ी यात्रियों की परेशानी
भारतीय हवाई क्षेत्र में लौटने के बाद भी विमान की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। उस समय अमृतसर एयरपोर्ट पर अन्य उड़ानों की आवाजाही अधिक होने के कारण विमान को तुरंत उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। कुछ समय तक विमान को हवा में ही इंतजार करना पड़ा। बाद में स्थिति को देखते हुए विमान को दिल्ली वापस भेज दिया गया। वहां सुरक्षित लैंडिंग के बाद तकनीकी जांच की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद विमान को दोबारा अमृतसर के लिए रवाना किया गया। आखिरकार देर रात विमान सुरक्षित रूप से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंच गया। इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को कई घंटों की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ा।
जांच में जुटी एजेंसियां, कारण तलाशने की कोशिश
घटना के बाद विमानन अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में तकनीकी खराबी को कारण बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी आखिर कैसे हुई। विमानन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि आधुनिक विमानों में कई सुरक्षा प्रणालियां होती हैं, इसलिए किसी भी दिशा संबंधी त्रुटि की विस्तृत जांच जरूरी है। फिलहाल एयरलाइन और संबंधित एजेंसियां सभी तकनीकी रिकॉर्ड की समीक्षा कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह केवल तकनीकी समस्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान और उसमें सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
Read More-करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा ऐलान, अनाज बांटने का तरीका बदलने की तैयारी
