UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को समय की जरूरत के अनुसार और अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में छात्रों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों, दुष्प्रचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सही और जिम्मेदार इस्तेमाल के बारे में जागरूक करना भी शिक्षकों का कर्तव्य है। आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ने जानकारी तक पहुंच आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ गलत और भ्रामक सूचनाओं का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में शिक्षक छात्रों को सही जानकारी की पहचान करना, तथ्यों की जांच करना और तकनीक का सकारात्मक उपयोग करना सिखाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का माध्यम हैं।
शिक्षकों के लिए शुरू हुई कैशलेस चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा योजना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ की शुरुआत की। इस योजना के तहत विश्वविद्यालयों, राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा उनके आश्रितों को हर साल ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकार के अनुसार इस योजना से करीब 10 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ हुए समझौते के तहत शिक्षकों को कई सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी दी जाएंगी। इनमें ₹1.5 करोड़ तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, ₹3 करोड़ तक का हवाई दुर्घटना बीमा, अस्पताल में भर्ती होने पर ₹60 हजार तक की हॉस्पिटल कैश सुविधा और ₹12 लाख तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण ताकत हैं और उनकी सुरक्षा तथा सम्मान सरकार की प्राथमिकता है।
AI और सोशल मीडिया के सही उपयोग पर दिया विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का युवा मोबाइल फोन, यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए दुनिया को समझने की कोशिश करता है। लेकिन हर वायरल जानकारी सच नहीं होती। उन्होंने कहा कि कई बार फर्जी अकाउंट और गलत सूचनाएं समाज में भ्रम और तनाव पैदा करती हैं। इसलिए शिक्षकों को छात्रों में डिजिटल साक्षरता विकसित करनी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को यह समझाएं कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है। साथ ही उन्होंने AI को भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीक बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल शिक्षा, शोध और नवाचार के लिए किया जाना चाहिए। यदि तकनीक का गलत इस्तेमाल होगा तो इससे समाज को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए युवाओं को जिम्मेदारी के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर भी रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और सोच का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों ने पूरी दुनिया को शिक्षा का मार्ग दिखाया था और आज भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों में AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसी सुविधाएं विकसित कर रही है। विश्वविद्यालयों में भी इन नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक यदि छात्रों में अनुशासन, जिम्मेदारी, राष्ट्रहित और वैज्ञानिक सोच विकसित करेंगे तो आने वाली पीढ़ी अधिक जागरूक और सक्षम बनेगी।
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