दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 के बीच भारत (India) और बांग्लादेश (Bangladesh) के रिश्तों को लेकर नया विवाद सामने आया है। बांग्लादेश (Bangladesh) की सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के मुख्य व्हिप नूरुल इस्लाम मोनी ने कहा है कि भारत (India) के साथ किए गए 101 समझौतों की समीक्षा की जा रही है। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को दिल्ली में हो रहे BRICS सम्मेलन के लिए आमंत्रित नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई है।
101 समझौतों पर चल रही समीक्षा
नूरुल इस्लाम मोनी ने संसद के 13वें सत्र के समापन के बाद मीडिया से बातचीत में भारत (India) के साथ हुए समझौतों को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश (Bangladesh) सभी 101 समझौता ज्ञापनों (MoU) की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही इसका नतीजा सामने आएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें से कितने समझौतों को जारी रखा जाएगा, किनमें बदलाव होगा या किन्हें खत्म किया जा सकता है। उनके बयान से यह संकेत जरूर मिला कि सरकार पिछली सरकार के समय हुए समझौतों की नए सिरे से जांच कर रही है।
राष्ट्रीय हित और संप्रभुता का मुद्दा
मोनी ने कहा कि मौजूदा सरकार देश के राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान कुछ ऐसे समझौते किए गए थे, जिन्हें बांग्लादेश (Bangladesh) के हित में उचित नहीं माना जा सकता। चट्टोग्राम बंदरगाह से जुड़ी नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ व्यवस्थाओं में बांग्लादेशी जहाजों के बजाय विदेशी जहाजों को प्राथमिकता दिए जाने जैसे फैसले भी शामिल थे। BNP नेता ने संकेत दिया कि आगे भारत (India) के साथ राजनयिक संबंधों में बांग्लादेश (Bangladesh) अपनी संप्रभुता और घरेलू हितों को प्रमुख आधार बनाएगा।
BRICS का न्योता नहीं मिलने पर भी नाराजगी
भारत (India) में आयोजित BRICS Summit 2026 को लेकर भी बांग्लादेश (Bangladesh) की ओर से नाराजगी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नूरुल इस्लाम मोनी ने बांग्लादेश (Bangladesh) के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे एक स्वतंत्र देश के लिए निराशाजनक बताया। BRICS में भारत समेत कई बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं और इसका वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बांग्लादेश (Bangladesh) की ओर से निमंत्रण को लेकर जताई गई नाराजगी को दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर पड़ेगा असर?
भारत (India) और बांग्लादेश (Bangladesh) के बीच व्यापार, परिवहन, बंदरगाह, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में लंबे समय से कई समझौते हुए हैं। अब 101 MoU की समीक्षा के बयान ने इन संबंधों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश (Bangladesh) वास्तव में कितने समझौतों में बदलाव करेगा या उन्हें रद्द करेगा। खुद BNP नेता ने भी किसी समझौते का नाम लेकर यह नहीं बताया है कि किन पर कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बांग्लादेश (Bangladesh) सरकार के फैसले पर नजर रहेगी। अगर बड़े समझौतों में बदलाव किया जाता है, तो इसका असर भारत-बांग्लादेश के आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है।
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