UP के बुलंदशहर जिले में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र आदित्य ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। आदित्य ने ‘सोफी’ नाम का एक एआई टीचर रोबोट तैयार किया है, जो स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके हर सवालों का तुरंत जवाब देती है। यह रोबोट शिक्षकों की गैरमौजूदगी में क्लास संभाल सकती है। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में सिर्फ 25 हजार रुपये की लागत आई है। कम संसाधनों में इतने उन्नत प्रोजेक्ट को तैयार करके आदित्य ने क्षेत्र के लोगों सहित शिक्षकों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है।
कैसे बनाया गया यह रोबोट टीचर?
आदित्य के मुताबिक, सोफी को तैयार करने में एक खास LLM चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है, जिसे कई बड़ी रोबोटिक्स कंपनियां भी यूज़ करती हैं। यह रोबोट बच्चों की भाषा समझने, सवालों का जवाब देने और विषय से जुड़े सरल उदाहरण बताने में सक्षम है। आदित्य का कहना है कि यदि उन्हें ज्यादा सुविधाएं मिल जाएं तो वह इस रोबोट को और भी एडवांस बना सकते हैं, जैसे—रोबोट का लिखकर पढ़ाना, बोर्ड पर समझाना और बच्चों के साथ इंटरैक्टिव सत्र करना। उनकी यह कोशिश न केवल तकनीक के प्रति लगाव दिखाती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का रास्ता भी खोलती है।
छात्र ने सरकार से क्या की मांग?
आदित्य ने इस प्रोजेक्ट को लेकर सरकार से भी एक अहम अपील की है। उनका कहना है कि स्कूलों और कॉलेजों में लैब की जितनी सुविधा होनी चाहिए, उतनी उपलब्ध नहीं है। इसलिए हर जिले में ऐसी लैब होनी चाहिए जहां छात्र स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकें और तकनीक सीख सकें। आदित्य का मानना है कि अगर बच्चों को सही माहौल और उपकरण मिल जाएं तो वे देश और दुनिया के लिए कई बड़े नवाचार कर सकते हैं।
शिक्षकों ने की जमकर सराहना
शिवचरण इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने भी आदित्य के इस प्रयास की खूब सराहना की है। केमिस्ट्री शिक्षक वसीम अहमद ने बताया कि जब कोई शिक्षक स्कूल में अनुपस्थित रहता है, तो एआई रोबोट सोफी बच्चों को पढ़ाती है और उनके सवालों का समाधान भी करती है। बच्चों ने इस रोबोट के साथ इंटरैक्शन के दौरान कई नई बातें सीखीं और उन्हें पढ़ाई में काफी मजा आया। टीचर्स का कहना है कि यह तकनीक शिक्षा प्रणाली में बदलाव ला सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्ञान की पहुंच को आसान बना सकती है।
