कानपुर के शिवराजपुर इलाके में सोमवार शाम एक छोटी सी गलतफहमी ने कासगंज एक्सप्रेस के यात्रियों को दहशत में डाल दिया। अनवरगंज से कासगंज जा रही 15039 कासगंज एक्सप्रेस जैसे ही पकरा क्रॉसिंग के पास पहुंची, तभी ट्रेन के आसपास उड़ रही धूल को कुछ यात्रियों ने धुआं समझ लिया। देखते ही देखते ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई। अचानक कोचों के अंदर शोर-शराबा शुरू हो गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान किसी यात्री ने घबराहट में चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई। ट्रेन धीमी होते ही कई यात्री बिना कुछ सोचे-समझे नीचे कूद पड़े। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया।
नई गिट्टी की धूल बनी अफवाह की वजह
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हाल ही में ट्रैक पर नई गिट्टी डाली गई थी। ट्रेन गुजरने के दौरान तेज हवा और कंपन के कारण गिट्टी की धूल उड़ने लगी, जिसे कुछ यात्रियों ने धुआं समझ लिया। बस यहीं से अफवाह फैलनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड में पूरे डिब्बे में यह बात फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है। डर के कारण कई लोग सीट छोड़कर दरवाजों की तरफ दौड़ने लगे। ट्रेन के अंदर अफरातफरी का माहौल बन गया। कुछ यात्रियों ने बच्चों और सामान को संभालते हुए बाहर निकलने की कोशिश की। इसी बीच चेन पुलिंग होने के कारण ट्रेन धीरे हुई तो कुछ लोग ट्रेन से उतर गए। कई यात्री इतने घबरा गए थे कि उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा था कि सच क्या है और अफवाह क्या। बाद में जब ट्रेन की जांच हुई तो पता चला कि आग जैसी कोई घटना हुई ही नहीं थी।
रेलवे और पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी, स्टेशन मास्टर और शिवराजपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। ट्रेन को रोककर सभी कोचों की जांच की गई लेकिन कहीं भी आग या तकनीकी खराबी नहीं मिली। स्टेशन मास्टर रामचरित्र ने बताया कि उड़ती धूल को देखकर किसी ने गलतफहमी में आग लगने की बात कह दी थी। जांच के बाद यात्रियों को समझाया गया कि ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित है। ट्रेन मेंटेनर हुकुम सिंह मीणा ने भी स्पष्ट किया कि ट्रेन को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी सिस्टम सामान्य पाए गए। पुलिस ने यात्रियों को शांत कराया और धीरे-धीरे माहौल सामान्य हुआ। करीब कुछ देर की जांच और पूछताछ के बाद ट्रेन को दोबारा गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अफवाहें यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
अफवाह फैलाने वाले की तलाश, रेलवे ने यात्रियों से की अपील
इस पूरे मामले के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जिसने सबसे पहले आग लगने की अफवाह फैलाई थी। थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना पुष्टि के अफवाहों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि घबराहट में लिया गया एक गलत फैसला कई लोगों की जान खतरे में डाल सकता था। यदि ट्रेन की रफ्तार अधिक होती या यात्री गलत तरीके से नीचे गिरते तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अफवाहें कितनी तेजी से डर फैलाती हैं और सार्वजनिक परिवहन में सतर्कता कितनी जरूरी है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और रेलवे इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटा हुआ है।
