Noida News: नोएडा के फेज-2 इलाके में श्रमिक आंदोलन एक बार फिर उग्र होता नजर आया है। सोमवार को वेतन को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कई जगहों पर हिंसक हो गया, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सेक्टर 64, 80 और 121 जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस को हालात संभालने के लिए सख्ती करनी पड़ी और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ा। हालांकि, इसके बावजूद अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे समूह बनाकर विरोध जारी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है।
गाड़ियों में तोड़फोड़, लोगों में डर का माहौल
नोएडा के सेक्टर 64 में श्रमिकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां सैलरी को लेकर कर्मचारी एकत्र हुए थे। कई लोगों का कहना था कि उन्हें वेतन वृद्धि की सही जानकारी नहीं दी गई, जिससे असंतोष और बढ़ गया। वहीं सेक्टर 121 के क्लियो काउंटी के पास भी हंगामा हुआ, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की। कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और लोगों में डर का माहौल बन गया। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि संवाद के जरिए स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
नोएडा पुलिस ने हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं को लेकर 7 FIR दर्ज की गई हैं और जिन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को उकसाया, उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी नई घटना को तुरंत रोका जा सके।
21% वेतन वृद्धि के बाद भी जारी विरोध
गौरतलब है कि श्रमिकों के इस आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में करीब 21% की अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है। इसके बावजूद कई श्रमिकों में असंतोष बना हुआ है, जिसका कारण जानकारी की कमी और वेतन भुगतान से जुड़ी समस्याएं बताई जा रही हैं। प्रशासन का मानना है कि अगर सही तरीके से जानकारी श्रमिकों तक पहुंचाई जाए तो हालात को नियंत्रित किया जा सकता है। फिलहाल पूरे नोएडा में हाई अलर्ट जारी है और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार के फैसले और प्रशासन की सख्ती से स्थिति पूरी तरह शांत हो पाएगी या नहीं।
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