Homeदेशपंजाब कांग्रेस में 'गदर': राहुल-खरगे के सामने ही सरेआम भिड़ गए दो...

पंजाब कांग्रेस में ‘गदर’: राहुल-खरगे के सामने ही सरेआम भिड़ गए दो सबसे बड़े सूरमा, एक ने गुस्से में छोड़ी दिल्ली की मीटिंग!

पंजाब कांग्रेस की हाई-लेवल बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सामने ही भिड़ गए दो दिग्गज नेता। निकाय चुनाव में हार को लेकर प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद बाजवा मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गए।

-

पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब दिल्ली के गलियारों में सरेआम हो चुकी है। शुक्रवार (29 मई 2026) को देश की राजधानी में पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई थी। लेकिन रणनीतियों पर चर्चा होने के बजाय, यह बैठक पार्टी के दो सबसे बड़े दिग्गजों के बीच जंग का अखाड़ा बन गई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में ही पंजाब के दो बड़े नेता आपस में इस कदर भिड़ गए कि वहां मौजूद हर कोई सन्न रह गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक नेता तो बैठक को बीच में ही छोड़कर गुस्से में बाहर निकल गए।

अंदरूनी कलह आई सामने: राहुल-खरगे के सामने हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब कांग्रेस और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की यह विशेष बैठक दिल्ली में बुलाई थी। बैठक में प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत सूबे के तमाम दिग्गज मौजूद थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक की शुरुआत तो ठीक-ठाक रही, लेकिन जैसे ही पंजाब के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर बात शुरू हुई, माहौल गरमा गया। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग इतनी बढ़ गई कि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। गुस्से से लाल प्रताप सिंह बाजवा मीटिंग को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल आए। बाहर आने पर उन्होंने मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने अपनी बात केंद्रीय नेतृत्व के सामने रख दी है।

हार का ठीकरा और कुर्सी पर सवाल: गृह जिला भी नहीं बचा पाए प्रदेश अध्यक्ष

इस पूरे सियासी घमासान की मुख्य वजह पंजाब के स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे रहे। दरअसल, बैठक में प्रताप सिंह बाजवा और उनके समर्थक नेताओं ने सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। नाराज नेताओं ने राहुल गांधी और खरगे के सामने आरोप लगाया कि जो नेता पूरे सूबे में कांग्रेस को जिताने का दम भर रहा है, वह अपने गृह जिले तक में पार्टी को जीत नहीं दिला सका। कई नेताओं ने आलाकमान से कहा कि जब तक नेतृत्व जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं होगा, तब तक कार्यकर्ताओं में जोश नहीं भरा जा सकता। राजा वड़िंग के खिलाफ इस चौतरफा घेराबंदी ने पंजाब कांग्रेस की एकजुटता के दावों की हवा निकाल दी है।

निकाय चुनाव में ‘आप’ की आंधी: कांग्रेस को दूसरे स्थान से करना पड़ा संतोष

इस पूरी कलह के पीछे की सबसे बड़ी वजह आज (26 मई को हुए मतदान के बाद) आए निकाय चुनाव के परिणाम हैं। पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन चुनावों में एक बार फिर अपनी ताकत दिखाते हुए 102 नगर निकायों में बंपर जीत हासिल की है। कुल 1,977 वार्डों में से अब तक हुई मतगणना में ‘आप’ ने 862 वार्डों पर कब्जा जमाया है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह महज 348 सीटें जीतकर दूसरे पायदान पर सिमट गई। इसके अलावा, निर्दलीयों ने 242 वार्डों के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया, जबकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) को सिर्फ 169 वार्डों से संतोष करना पड़ा। इस करारी शिकस्त ने कांग्रेस के भीतर के असंतोष को ज्वालामुखी की तरह बाहर ला दिया है।

विरोधियों की नई चाल: बीजेपी के नए दांव के बीच कांग्रेस में बिखराव का डर

कांग्रेस की यह बैठक एक ऐसे नाजुक समय पर हो रही थी, जब पंजाब की सियासत में लगातार नए समीकरण बन रहे हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब में बड़ा फेरबदल करते हुए सुनील जाखड़ की जगह कांग्रेस के ही पूर्व कद्दावर नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। बीजेपी के इस मास्टरस्ट्रोक से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को एक मजबूत और एकजुट चेहरे की जरूरत थी। आलाकमान का मुख्य फोकस भी यही था कि मतभेदों को सुलझाकर सभी को एक मंच पर लाया जाए। लेकिन जिस तरह से राहुल गांधी के सामने ही पार्टी के दो बड़े स्तंभ बिखर गए, उसने पंजाब में कांग्रेस की राह को और मुश्किल बना दिया है। अब देखना होगा कि दिल्ली की इस तकरार के बाद आलाकमान पंजाब की कमान किसके हाथों में सुरक्षित रखता है।

Read more-माफियाओं को खुली चुनौती: CM योगी बोले— ‘अब किसी हिंदू को पिस्टल लहराकर…’

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts