उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर कौशांबी पहुंचे, जहां उन्होंने मंच से ही अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चक मार्गों पर कब्जा एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसे अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
चक मार्ग विवाद पर साफ संदेश, ‘ चक मार्ग किसी की बपौती नहीं’
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ‘कई जगह पर चकरोड पर विवाद है और कोई अवैध कब्जा किया है। मैंने पहले भी निर्देश दिया है और आज खुले मंच से निर्देश दे रहा हूं कौशांबी में जितने भी चक मार्ग पर अवैध कब्जे हैं उनका अभियान चला कर तुरंत खाली कराया जाए। चक मार्ग किसी की बपौती नहीं चकमार्ग पूरे ग्राम वासियों का होता है
प्रशासन को अल्टीमेटम, तुरंत शुरू हो कार्रवाई अभियान
अपने भाषण में उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पहले भी इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब कार्रवाई में किसी तरह की देरी स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि चक मार्गों पर अवैध कब्जे हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए। इस सख्ती के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है और राजस्व विभाग को सर्वे और जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों में उम्मीद, राजनीतिक हलचल भी तेज
इस बयान के बाद ग्रामीण इलाकों में राहत और उम्मीद की भावना देखी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से कई जगह चक मार्गों पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस सख्त रुख को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान देखने को मिल सकता है, जिससे जमीन विवादों पर भी असर पड़ेगा।
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