उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक निजी कंपनी के खिलाफ चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नोएडा फेज-2 के सेक्टर-84 में बड़ी संख्या में मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए गाड़ियों में आग लगा दी और जमकर हंगामा किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
DM मेधा रूपम का वीडियो वायरल, दिए बड़े निर्देश
इसी बीच गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम का एक वीडियो सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने श्रमिकों को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। डीएम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक कर श्रमिकों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब ओवरटाइम करने पर मजदूरों को दोगुनी मजदूरी दी जाएगी। इसके अलावा हर श्रमिक को सप्ताह में एक दिन का अवकाश मिलेगा। अगर किसी से उस दिन भी काम लिया जाता है, तो उसे भी दोगुनी दर से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्रमिकों को नियमों के अनुसार बोनस दिया जाएगा, जो तय समय सीमा के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।
*जिलाधिकारी की श्रमिकों से अपील*
सभी श्रमिक भाई एवं बहन शांतिपूर्वक कार्यस्थल पर पहुंचकर कार्य करें तथा जिले में सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग। अफवाहों पर ध्यान न दें। श्रमिकों सहायता हेतु कंट्रोल रूम नम्बर: 120-2978231,120-2978232,120-2978862,120-2978702 pic.twitter.com/VVphIVaNpl— DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) April 12, 2026
सरकार की अपील—बातचीत से निकले समाधान
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार भी नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकार श्रमिकों और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देती है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कहीं वेतन या काम से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसे बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए, न कि हिंसक प्रदर्शन के जरिए। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं और समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों को न्याय मिले और उद्योगों का काम भी सुचारू रूप से चलता रहे।
हिंसा के पीछे साजिश? उठ रहे सवाल
प्रदर्शन के अचानक हिंसक होने के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने संकेत दिया कि कुछ असामाजिक या राजनीतिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। उनका कहना है कि पिछले 48 घंटों से प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन अचानक हिंसा भड़कना संदेह पैदा करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके। अब देखने वाली बात होगी कि डीएम के आश्वासन के बाद हालात शांत होते हैं या फिर यह मामला और तूल पकड़ता है।
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