Lucknow News: लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में चल रहे सावन महोत्सव के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा झूला अचानक टूट गया और उसकी एक ट्रॉली नीचे आ गिरी। ट्रॉली की चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में कई लोगों के घायल होने की जानकारी है। घायलों को इलाज के लिए सुषमा अस्पताल ले जाया गया, जहां एक बच्ची के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर मिले हैं। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
झूले की ट्रॉली टूटते ही मची चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक नया गांव विजयीपुर, विभूतिखंड निवासी 14 वर्षीय अंकिता सिंह अपने भाई सूर्या सिंह, बहनों इशिका, नैंसी और अनामिका के साथ दोस्त आयुष शर्मा को लेकर शाम करीब 7:30 बजे इंदिरानगर के सावन महोत्सव पहुंची थी। करीब 15 मिनट बाद सभी झूला झूलने चले गए। इसी दौरान झूले का एक बकेट अचानक टूट गया और नीचे आ गिरा। बताया जा रहा है कि टूटे हुए हिस्से की चपेट में अंकिता आ गई और उसके चेहरे पर चोट लगी। हादसा होते ही मेले में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने झूला रोकने के लिए संचालक से आवाज लगाई। आरोप है कि झूला तुरंत नहीं रोका गया। इसी दौरान एक अन्य युवती भी इसकी चपेट में आ गई और झूले का हिस्सा उसके ऊपर गिर गया। शोर बढ़ने के बाद आखिरकार झूले को रोका गया।
कई लोग घायल, बच्ची को कई जगह फ्रैक्चर
हादसे में अंकिता, नैंसी और 16 वर्षीय निशा कुमारी समेत कई लोगों को चोटें आई हैं। निशा विमालनगर में वासुदेव डिग्री कॉलेज के पास रहती है। घायलों को इलाज के लिए सुषमा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक इमरजेंसी में चार से पांच घायल पहुंचे थे। इनमें कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल के सीईओ अर्पित सिंघल ने बताया कि झूले की ट्रॉली टूटकर गिरने के बाद कई लोग उसकी चपेट में आए थे। सूचना मिलते ही अस्पताल की इमरजेंसी टीम को अलर्ट किया गया और घायलों का इलाज शुरू किया गया। एक बच्ची के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर पाए गए हैं। दूसरे घायल की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होने की बात कही गई है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, जांच की मांग
हादसे के बाद घायलों के परिजनों ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि झूला टूटने के बाद उसे तत्काल बंद नहीं किया गया, जिससे कुछ और लोग उसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी मेले में लगे झूलों की सुरक्षा जांच और संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों ने मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच की जाए और मेले में लगाए गए सभी झूलों की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि झूले को संचालित करने की अनुमति और जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल हादसे के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है और घायलों के परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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