उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर से लोगों का भरोसा डिगा दिया है। चिल्हिया थाना क्षेत्र के संतोरी गांव में एक नवविवाहिता पत्नी ने अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतार दिया। मामला तब प्रकाश में आया जब आधी रात के सन्नाटे में डायल 112 के कंट्रोल रूम पर एक फोन घूमा और कॉलर ने बेहद ठंडे दिमाग से कहा, “हेलो पुलिस… मैंने अपने पति की हत्या कर दी है।” इस एक फोन कॉल ने पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े कर दिए। जब पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुला, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर परिजनों और पुलिस के होश उड़ गए, जहां बिस्तर पर अमित चौधरी का खून से सना शव पड़ा था और उसके हाथ पीछे बंधे हुए थे।
रील्स से प्यार, नेपाल की फरारी और फिर शादी
यह दर्दनाक दास्तान सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई थी। मृतक अमित चौधरी शिवपति इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट का छात्र था और स्कूल आते-जाते समय उसकी मुलाकात बुढ़नइया गांव की रहने वाली ज्योति चौधरी से हुई। इंस्टाग्राम पर रील्स बनाते-बनाते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जो देखते ही देखते प्यार में बदल गईं। प्यार का सुरूर ऐसा सिर चढ़कर बोला कि 12 मार्च 2024 को दोनों घर से भागकर नेपाल चले गए। परिवार वालों की खोजबीन और पुलिस की सक्रियता के बाद जब दोनों का पता चला, तो सामाजिक प्रतिष्ठा और बच्चों की जिद के आगे झुकते हुए दोनों परिवारों ने उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। 19 मार्च 2024 को पहले कोर्ट मैरिज और फिर पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों की शादी करा दी गई, लेकिन किसी को भनक तक नहीं थी कि यह रिश्ता एक दिन मौत के मुंह में समा जाएगा।
हत्या की वह रात और बेरहम पत्नी का सच
घटना से कुछ ही दिन पहले 20 सितंबर 2024 को अमित की दादी का निधन हुआ था, जिसके चलते घर में मातम और तेरहवीं की तैयारियां चल रही थीं। मुंबई में रहने वाले अमित के पिता संतोष कुमार भी घर आए हुए थे। 2 और 3 अक्टूबर की दरमियानी रात को जब पूरा परिवार दिनभर की थकान के बाद गहरी नींद में था, तब अमित और ज्योति अपने ऊपर वाले कमरे में सोने चले गए। इसी दौरान ज्योति ने बेरहमी से अमित के हाथ पीछे टाई से कसकर बांधे और सोते समय उसकी जान ले ली। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी पत्नी से पूछताछ की, तो उसके चेहरे पर ज़रा भी शिकन या पछतावा नहीं था। उसने बड़े आराम से पुलिस के सामने कबूल किया कि उसे गुस्सा आया था इसलिए उसने अमित को मार डाला। इकलौते बेटे की इस तरह अचानक हुई मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रिकॉर्ड समय में कोर्ट का फैसला और इंसाफ
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में इस बहुचर्चित मामले का स्पीडी ट्रायल चला। सरकारी वकील की प्रभावी पैरवी और दोनों पक्षों के सबूतों व गवाहों को सुनने के बाद अदालत ने ज्योति चौधरी को हत्या का पूरी तरह दोषी करार दिया। घटना के महज 1 साल, 6 महीने और 18 दिन के भीतर अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की 70 फीसदी राशि मृतक अमित के बेसहारा पीड़ित परिवार को दी जाएगी, जिससे इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार को थोड़ा कानूनी संबल मिल सके।
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