Homeदेशरसिक दुलारी शरण केस की हाईकोर्ट में एंट्री! अब SIT जांच की...

रसिक दुलारी शरण केस की हाईकोर्ट में एंट्री! अब SIT जांच की उठी मांग

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंचा। वकील ने SIT जांच और साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग की।

-

वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। इस घटना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में विशेष जांच टीम (SIT) से कराने या मजिस्ट्रेट जांच कराने की अपील की है। वहीं, इस घटना के बाद आश्रम की व्यवस्था और कुछ अन्य मामलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

25 वर्षीय शिष्य की मौत से मचा हड़कंप

यह मामला मथुरा के वृंदावन स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम का है। यहां मध्य प्रदेश के रहने वाले 25 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, शिष्य आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया था, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठने लगे और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

- Advertisement -

वकील ने मुख्य न्यायाधीश को भेजी लेटर पिटिशन

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने मुख्य न्यायाधीश को लेटर पिटिशन भेजी है। उन्होंने मांग की है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच केवल सामान्य प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि हाईकोर्ट की निगरानी में विशेष जांच टीम गठित करके पूरे मामले की पड़ताल कराई जाए। वकील का कहना है कि यह मामला बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। ऐसे में घटना से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने वैकल्पिक तौर पर मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग भी रखी है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

पुलिस की जांच जारी, परिजनों ने उठाए सवाल

शिष्य की मौत के बाद मथुरा पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और सबूतों को जुटाने में लगी है। जानकारी के अनुसार, पुलिस आश्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने आश्रम की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। इस बीच आश्रम से कुछ बच्चों के गायब होने से जुड़ा मामला भी चर्चा में आया है। हालांकि, इन अलग-अलग मुद्दों के बीच क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल इन सवालों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

साक्ष्य सुरक्षित रखने और जवाबदेही तय करने की मांग

वकील प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने अपनी लेटर पिटिशन में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की अपील की है। उनका कहना है कि घटना से जुड़ी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होनी चाहिए। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि घटना के बाद श्रीहित राधा केली कुंज ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, लेटर पिटिशन भेजे जाने और उसमें की गई मांगों का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने SIT जांच का आदेश दे दिया है। अब मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और जांच में कौन-से तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी।

Read more-BJP से बगावत करने वाले संजयन त्रिपाठी अब अखिलेश के साथ, MLC चुनाव में सपा ने बदला पूरा खेल!

- Advertisement -

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts