फ्लाईदुबई की एक उड़ान में भारतीय पायलट पर हुए हमले को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ा बयान दिया है। 3 अक्टूबर को UAE के अभियोजन पक्ष ने इस घटना को कथित आतंकी हमला बताते हुए कहा कि विमान के सह-पायलट ने कॉकपिट में कप्तान स्मित मच्छर पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया था। आरोपी की पहचान ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, उसका उद्देश्य विमान पर नियंत्रण हासिल करना था। मामले की जांच में हमले की परिस्थितियों, आरोपी के मकसद और किसी संभावित संबंध का पता लगाया जा रहा है।
कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी बनी हमले का हथियार
इस घटना में जिस क्रैश कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, वह विमान में आपात स्थिति के लिए रखा जाने वाला उपकरण है। इसका सामान्य उपयोग विमान के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने या आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में किया जा सकता है। लेकिन फ्लाईदुबई की उड़ान में इसी उपकरण से पायलट पर हमला किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कॉकपिट के अंदर विवाद कैसे शुरू हुआ और सह-पायलट ने विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश क्यों की। फिलहाल अधिकारियों ने हमले के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
आसमान में अचानक नीचे आने लगा विमान, यात्रियों में मची घबराहट
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई। बोइंग 737 विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई झड़प के बीच विमान तेजी से नीचे आने लगा, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया। हमले में घायल होने के बावजूद भारतीय कप्तान स्मित मच्छर ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर आरोपी सह-पायलट को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
घायल होने के बावजूद डटे रहे भारतीय कप्तान
गंभीर हमले के दौरान कप्तान स्मित मच्छर की सूझबूझ और हिम्मत ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया। इस मामले ने विमान के कॉकपिट की सुरक्षा और पायलटों की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। UAE के अभियोजन पक्ष ने कहा है कि जांच के तहत घटना से जुड़े सबूतों और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह जानना है कि आरोपी ने ऐसा कदम क्यों उठाया और क्या इस घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठन भी जुड़ा था। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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