संत प्रेमानंद महाराज के प्रमुख शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब बेहद उलझता जा रहा है। पिछले दिनों वृंदावन के श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम में घटी इस घटना की गूंज अब मांट क्षेत्र तक पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। मांट के नए आश्रम ‘यमुना विहार कुंज’ में भी पुलिस ने अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है, ताकि घटना से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू और कड़ी को बारीकी से समझा जा सके।
पुलिस की 7 विशेष टीमें और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ
इस सनसनीखेज मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जांच के लिए कुल 7 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनकी कमान तीन क्षेत्राधिकारियों (CO) और तीन थाना प्रभारियों के हाथों में सौंपी गई है। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने आश्रम के साधकों, शिष्यों, परिचितों और मृतक के साथ काम करने वाले इलेक्ट्रीशियन समेत 50 से अधिक लोगों से गहन पूछताछ की है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन और उससे पहले आश्रम के भीतर का माहौल कैसा था और मृतक की किन लोगों से बातचीत हुई थी।
सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों पर टिकी निगाहें
मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस आसपास और आश्रम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी है। सामने आए कुछ वीडियो फुटेज में रसिक दुलारी छत पर दिख रहे हैं और इसके बाद नीचे गिरने की बात सामने आ रही है। हालांकि, घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अन्य कैमरों के एंगल भी जांचे जा रहे हैं। इसके अलावा मौके से बरामद मोबाइल फोन, खून के नमूने, ग्राइंडर और अन्य जरूरी साक्ष्यों को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेजा गया है। फिलहाल पुलिस और परिजनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है।
आत्महत्या या कोई गहरी साजिश? अनसुलझे सवालों के जवाब का इंतजार
शुरुआती पुलिस जांच में इस पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या की आशंका के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन मौत के पीछे छिपे वास्तविक कारणों पर अब भी बड़े सवालिया निशान खड़े हैं। सीओ वृंदावन संदीप कुमार का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों को आपस में जोड़कर पूरी घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। FSL रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह वाकई आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई और अनसुलझा राज छिपा है।
