Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में नकली नोट मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। सिविल लाइन क्षेत्र स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में करीब 4.63 लाख रुपये की जाली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि नकली नोटों में केवल बड़े मूल्य के नोट ही नहीं, बल्कि 10 और 20 रुपये के नोट भी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक की ओर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये नोट बैंक तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग हैं।
बैंक में नकली नोट मिलने से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, बैंक की जांच के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध नोट सामने आए। इनमें 200 और 100 रुपये के अलावा 20 और 10 रुपये के नोट भी बताए जा रहे हैं। नोटों की जांच के बाद उनके नकली होने की जानकारी सामने आई। बैंक प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सिविल लाइन थाने में बैंक शाखा प्रबंधक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
सीसीटीवी और बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई है। टीम बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध नोट लेकर कौन बैंक पहुंचा था। इसके अलावा कैश जमा करने से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित खातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए ये नोट बैंक तक पहुंचे। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि नकली नोटों की यह खेप एक ही जगह से आई थी या अलग-अलग लोगों के जरिए बैंक में पहुंची।
सामने आएगा असली नेटवर्क या मामला यहीं तक सीमित?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है या मामला कुछ लोगों तक ही सीमित है। जांच के दौरान मेरठ के साथ आसपास के जिलों में सामने आए नकली नोटों से जुड़े मामलों की जानकारी भी देखी जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने किसी कथित मास्टरमाइंड की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए इस मामले में अभी किसी व्यक्ति को पूरे नेटवर्क का संचालक बताना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही नकली नोटों के स्रोत और उन्हें बैंक तक पहुंचाने वालों के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।
