मेरठ में सपा विधायक अतुल प्रधान (Atul Pradhan) को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने उनके आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। जानकारी के मुताबिक, रात से ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ उनके घर के बाहर तैनात हैं। जब अतुल प्रधान (Atul Pradhan) अपनी गाड़ी से सहारनपुर के लिए निकलने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यह कदम उठाया गया है। वहीं, सपा नेताओं का कहना है कि उनका प्रतिनिधिमंडल केवल मौके की जानकारी लेने और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने के लिए सहारनपुर जा रहा था।
22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जाना था सहारनपुर
सपा का 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मंडलायुक्त और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने वाला था। पार्टी की ओर से इस दौरे का उद्देश्य मस्जिद ध्वस्तीकरण से जुड़े पूरे मामले की जानकारी जुटाना बताया गया है। प्रतिनिधिमंडल वहां की स्थिति को समझने के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपने की तैयारी में था। हालांकि, अतुल प्रधान (Atul Pradhan) को रोके जाने के बाद इस दौरे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ अन्य सपा नेताओं को भी रोके जाने की जानकारी सामने आई है।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद बढ़ी सियासी हलचल
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार तड़के ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही है। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे प्रशासन की मनमानी बताया, जबकि राशिद अल्वी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
अखिलेश यादव भी जता चुके हैं नाराजगी
सहारनपुर की घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई की निंदा की है। इसी बीच सपा का प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाकर पूरे मामले की जानकारी जुटाना चाहता था। अतुल प्रधान (Atul Pradhan) को नजरबंद किए जाने के बाद अब इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से विधायक को रोके जाने को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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