Delhi News: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुए हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद कांग्रेस नेता अजय राय ने मृतकों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना पर कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने दुख जताते हुए सरकार से मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। अजय राय ने यह भी कहा कि कार्रवाई केवल मकान मालिक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
बिल्डिंग की अनुमति देने वालों पर भी सवाल
अजय राय ने कहा कि इस मामले में उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, जिन्होंने भवन के नक्शे और निर्माण से जुड़े कामों को मंजूरी दी थी। उनका कहना है कि यदि निर्माण में नियमों की अनदेखी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक हरि राम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस ने हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।
मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी थी इमारत
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में यह पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत के दौरान अचानक गिर गई थी। बताया गया कि इमारत में लड़कों के लिए पीजी चल रहा था। घटना के बाद NDRF और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया। राहत और बचाव कार्य सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अब तक कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है।
NDRF ने बताया रेस्क्यू ऑपरेशन का हाल
NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें छह लोगों को मृत घोषित किया गया, जबकि पांच को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक व्यक्ति को बाहर निकालने का प्रयास जारी था और उसके बेहोश होने की आशंका जताई गई। उन्होंने कहा कि NDRF और फायर सर्विस की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत के गिरने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
