Homeदेश170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को हटाने पहुंचा प्रशासन, लेकिन अधिकारियों...

170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को हटाने पहुंचा प्रशासन, लेकिन अधिकारियों के क्यों फूले हाथ-पैर?

उज्जैन के 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम मुख्य प्रतिमा को नहीं हटा सकी। पुरातत्व विभाग ने मूर्ति के खंडित होने की आशंका जताई है।

-

उज्जैन के प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम ने मंदिर के कुछ हिस्से को तोड़ दिया, लेकिन मुख्य हनुमान प्रतिमा को हटाने में परेशानी सामने आ गई। पुरातत्व विभाग ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है, जिसके बाद प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक बदल गई। नगर निगम की टीम मंदिर का कुछ हिस्सा हटाने के बाद जब मुख्य प्रतिमा को निकालने पहुंची तो उसे हटाना आसान नहीं रहा। प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से निकालने की कोशिश में अधिकारियों के सामने तकनीकी चुनौती आ गई। मामले की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मंदिर से जुड़ी अपनी आस्था का हवाला देते हुए कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

प्रतिमा को नुकसान का डर

प्रतिमा को हटाने की कोशिश के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम ने भी मामले में हस्तक्षेप किया। शुरुआती जांच के बाद विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि यदि प्राचीन प्रतिमा को सावधानी के बिना हिलाया या निकाला गया तो उसमें दरार पड़ सकती है या वह खंडित हो सकती है। यही वजह है कि प्रतिमा को हटाने को लेकर प्रशासन अब बेहद सावधानी बरत रहा है। करीब 170 साल पुरानी बताई जा रही इस प्रतिमा को सुरक्षित रखना अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी तरह की क्षति होने पर प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

कार्रवाई के दौरान भावुक हुए श्रद्धालु

मंदिर का हिस्सा टूटने की खबर जैसे ही आसपास के लोगों को मिली, मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। कई लोग मंदिर से जुड़ी अपनी आस्था के कारण भावुक नजर आए। स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों ने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कदम उठाने की अपील की है। मंदिर के पुजारी महेश पंडित और स्थानीय संगठनों ने भी प्रतिमा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्थान सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि लंबे समय से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है।

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती

पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्राचीन हनुमान प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से कैसे हटाया जाएगा। एक तरफ नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ प्रतिमा को नुकसान पहुंचने का खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को पुरातत्व विशेषज्ञों की सलाह और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ अगला कदम उठाना होगा। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर है। मंदिर और प्रतिमा को लेकर विवाद बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी अहम चुनौती बनी हुई है।

Read More-22 नेताओं के साथ सहारनपुर जाने वाले थे सपा विधायक, पुलिस ने रास्ते में क्यो रोका?

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts